Delhi: उपराज्यपाल ने संजय झील का लिया जाायजा, गाद निकालने में तेजी लाने के दिए निर्देश, 60 फीसदी पूरा हुआ काम
झील से गाद निकालने का काम करीब 60 फीसदी पूरा कर लिया गया है। एलजी ने मौजूदा कार्य पर संतोष जताते हुए कहा कि 30 जून तक सभी जलाशयों को पुनर्जीवित करने के लिए अधिकारियों को कदम उठाने का निर्देश दिया।
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उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पूर्वी दिल्ली स्थित डीडीए की संजय झील को पुनर्जीवित करने के लिए तलहटी पर जमा हुई गाद और कीचड़ निकालने संबंधी कार्यों का जायजा लिया। झील से गाद निकालने का काम करीब 60 फीसदी पूरा कर लिया गया है। एलजी ने मौजूदा कार्य पर संतोष जताते हुए कहा कि 30 जून तक सभी जलाशयों को पुनर्जीवित करने के लिए अधिकारियों को कदम उठाने का निर्देश दिया।
एलजी ने पिछले साल झील का जायजा लेने के बाद इसे 2.5 मीटर तक और गहरा करने के निर्देश दिए थे। इससे झील की जलधारण क्षमता बढ़कर 5.3 करोड़ लीटर हो जाएगी। एलजी की तरफ से पहले दिए गए निर्देश के मुताबिक, संजय झील के कायाकल्प करने का डीडीए की तरफ से कार्य किया जा रहा है इसके तहत सफाई, गाद निकालने, मरम्मत व रखरखाव, मृत पेड़ों को हटाने जैसे कार्यों को निष्पादित किया जा रहा था। एलजी को बताया गया कि उनके निर्देश पर झील के समांतर चल रहे एनएच-24 और आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में बारिश के पानी को झील में पहुंचाने के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं।
जलाशयों के जीर्णोद्धार को दी प्राथमिकता
एलजी ने भूजल को रिचार्ज करने और दिल्ली को पानी की जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए जल निकायों के जीर्णोद्धार और कायाकल्प को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके तहत रोशनआरा बाग में जलाशय, प्राचीन अनंग ताल बावली का जीर्णोद्धार, बांसेरा में 3 जल निकायों का विकास, भलस्वा झील का कायाकल्प, असिता ईस्ट में जल इकाई का निर्माण आदि जैसे कई कदम हाल के दिनों में उठाए गए हैं।
बच्चे खेल गतिविधियों में ले रहे हिस्सा
झील के दौरे के दौरान एलजी ने स्थानीय लोगों के साथ भी संवाद किया। आगंतुकों ने पार्क में मुहैया की जा रही सुविधाओं और संजय झील के कायाकल्प के लिए उपराज्यपाल की पहल की तारीफ करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। अपने पिछले दौरे में एलजी ने डीडीए को पार्क में लगभग 5 एकड़ के हिस्से को बच्चों के लिए एक अलग मार्ग के साथ प्लेग्राउंड के रूप में चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। यहां अब रोजाना सैकड़ों बच्चे खेल गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं।