फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Lieutenant Governor of Delhi removed 400 employees of Delhi government from post

LG की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली सरकार के 400 कर्मियों को पद से हटाया, कहा- गैर पारदर्शी तरीके से की गई थी नियुक्ति

Mon, 03 Jul 2023 10:12 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Mon, 03 Jul 2023 10:12 PM IST
सार

दिल्ली सरकार ने इन कर्मियों को अपने विभिन्न विभागों, एजेंसियों में सलाहकार, विशेषज्ञ, वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी और परामर्शदाता के रूप में नियुक्त किया था। कर्मियों की सेवा समाप्त करने के साथ ही कहा गया है कि इन्हें गैर-पारदर्शी तरीके से और सक्षम प्राधिकारी की अनिवार्य मंजूरी के बिना नियुक्ति दी गई थी।

विज्ञापन
Lieutenant Governor of Delhi removed 400 employees of Delhi government from post
एलजी वीके सक्सेना और सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सरकार में फेलो, एसोसिएट फेलो, सलाहकार और उपाध्यक्ष के रूप में काम कर रहे करीब 400 कर्मियों की सेवाओं को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिया है। दिल्ली सरकार ने इन्हें अपने विभिन्न विभागों, एजेंसियों में सलाहकार, विशेषज्ञ, वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी और परामर्शदाता के रूप में नियुक्त किया था। कहा गया है कि इन्हें गैर-पारदर्शी तरीके से और सक्षम प्राधिकारी की अनिवार्य मंजूरी के बिना नियुक्ति दी गई थी। इन कर्मियों की नियुक्तियों में डीओपीटी द्वारा निर्धारित एससी, एसटी, ओबीसी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य आरक्षण नीति का भी पालन नहीं किया गया।

विज्ञापन

जांच में सेवा विभाग ने पाया कि ऐसे कई कर्मी पदों के लिए जारी विज्ञापनों में निर्धारित पात्रता मानदंड (शैक्षिक योग्यता/कार्य अनुभव) को पूरा नहीं करते हैं। संबंधित प्रशासनिक विभागों ने भी इन कर्मियों द्वारा प्रस्तुत कार्य अनुभव प्रमाणपत्रों की सत्यता को सत्यापित नहीं किया, जो कई मामलों में हेराफेरी तक हुई है। इस जांच के बाद सेवा विभाग ने इन्हें हटाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उपराज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि यदि कोई प्रशासनिक विभाग इनमें से किसी की सेवा को जारी रखना चाहता है तो नियम के तहत प्रस्ताव भेजा जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि सेवा विभाग ने 23 विभागों, स्वायत्त निकायों, पीएसयू से मिली जानकारी को रिपोर्ट में पेश किया था। इसमें पाया गया कि नियमों का पालन नहीं हुआ। इन कर्मियों को नियुक्त करने से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी नहीं ली। सेवा विभाग ने जांच में पाया कि पुरातत्व, पर्यावरण, दिल्ली अभिलेखागार, महिला एवं बाल विकास और उद्योग के पांच विभागों में 69 कर्मी बिना मंजूरी के कार्यरत थे। इसके अलावा 13 बोर्ड, स्वायत्त निकाय में 155 कर्मी कार्यरत थे। दिल्ली असेंबली रिसर्च सेंटर (डीएआरसी), डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन ऑफ दिल्ली में 187 कर्मियों की नियुक्ति के बारे में जानकारी नहीं थी। उपराज्यपाल की मंजूरी से चार विभागों स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, खाद्य सुरक्षा, इंदिरा गांधी अस्पताल और परिवहन में 11 कर्मियों को लगाया गया था।

विज्ञापन

उपराज्यपाल का फैसला गैरकानूनी, कोर्ट में देंगे चुनौती: दिल्ली सरकार
400 कर्मियों को पदों से हटाने पर दिल्ली सरकार ने इसे गैरकानूनी करार दिया है। साथ ही कहा है कि इसे कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि उपराज्यपाल के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है। वह गैरकानूनी और संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य दिल्ली सरकार को पंगु बनाना हैं।

आगे कहा है कि ये फेलो आईआईएम अहमदाबाद, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एनएएलएसएआर, जेएनयू, एनआईटी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, कैम्ब्रिज जैसे शीर्ष कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से थे और विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट काम कर रहे थे। इन सभी को उचित प्रक्रिया और प्रशासनिक मानदंडों का पालन करते हुए काम पर रखा गया था। इन्हें दिल्ली सरकार के साथ जुड़ने के कारण हटाया गया। फैसला लेने से पहले एक भी कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया, किसी भी स्तर पर कोई स्पष्टीकरण या स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया।  इस असंवैधानिक फैसले को अदालत में चुनौती दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed