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एलजी बोले सर्कुलर रद्द, सीएम ने कहा रूल बताओ

Thu, 21 May 2015 11:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 21 May 2015 11:20 PM IST
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LG said the appointment Circular Parry, CM said tell Rule.

अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर उपराज्यपाल के माध्यम से दिल्ली सरकार के काम कामकाज में हस्तक्षेप न करने की बात कही। तो उपराज्यपाल नजीब जंग ने बुधवार सुबह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तीन मामलों पर तीन अलग-अलग  पत्र लिखकर 16 मई के बाद निकाले गए सभी आदेश को संविधान के खिलाफ और अवैध करार दिया।

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वहीं मुख्यमंत्री ने शाम को वापस उपराज्यपाल को पत्र लिखकर आदेश जारी करने या आदेशों को अवैध करार देने के नियम की जानकारी मांगी है। तर्क दिया है कि मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री की तरफ से इस दौरान जारी सभी आदेश संविधान के अनुरूप हैं।

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नजीब जंग ने लिखे पत्र में कहा है कि उपराज्यपाल या उनके कार्यालय से आने वाले निर्देश पर पहले संबंधित मंत्री या मुख्यमंत्री की स्वीकृति लेने, मुख्य सचिव की बजाय संबंधित मंत्री को फाइल भेजने, प्रधान सेवा सचिव अनिंदो मजूमदार को हटाने के आदेश संविधान के खिलाफ है।
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उपराज्यपाल ने पत्र में संविधान, 1994 के एक आदेश का जिक्र भी किया है। यह भी कहा है कि दिल्ली एक राज्य नही है बल्कि संघ षासित प्रदेश है जिसके पास अपनी विधान सभा है, इसलिए कई महत्वपूर्ण बिंदू अलग हैं।
 
उपराज्यपाल के पत्र में कहा गया है कि 15 मई को उपमुख्यमंत्री ने जो आदेश जारी किया था, वह 9 मई, 1994 के स्थायी आदेश का उल्लंघन है। यह आदेश संविधान के अनुरूप नहीं है। सेवा संबंधी मामले में शक्तिया राष्ट्रपति के माध्यम से उपराज्यपाल को दी गई है।

नजीब-केजरी जंग के जारी हैं तीखे तेवर

LG said the appointment Circular Parry, CM said tell Rule.

उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री से परामर्श कर, सचिव स्तर के अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति के संबंध में सक्षम है । यह आदेश संख्या एफ.57/3/94-एस.1 दिनांक 09/04/1994 में परिभाषित है जो आज भी मान्य हैं।

उपराज्यपाल ने 17 मई को उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र समेत सभी फाइल मंत्रियों के माध्यम से भेजे जाने वाले आदेश के बारे में भी संविधान में स्थिति स्पष्ट की है।

उल्लंघन बताया है। उपराज्यपाल संविधान एवं भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा उन्हें प्रदान की हुई शक्तियों के तहत अपनी कार्यकारिणी क्षमता, विवेक से एवं जहां जरूरी हो वहां मुख्यमंत्री से परामर्श कर कार्य करते हैं।

वहीं अनिंदो मजूमदार के आदेश के मामले में कहा है कि 16 मई के बाद नियुक्ति से जुड़े जो आदेश जारी किए गए हैं सभी अमान्य हैं।

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