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अधिकारियों की जासूसी के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई थी ये यूनिट, LG ने बंद करने को कहा

Sat, 01 Apr 2017 10:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 01 Apr 2017 10:33 AM IST
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lg anil baijal calls to shut feedback unit of delhi government
anil baijal - फोटो : PTI

आम आदमी पार्टी सरकार की तरफ से सरकारी अधिकारियों पर नजर रखने और भ्रष्टाचार के मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए बनाई गई फीडबैक (मुखबरी यूनिट) को बंद करने के आदेश उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिए हैं। इस यूनिट को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करने के आदेश थे।

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इस यूनिट के गठन, खुफिया यंत्र खरीदने के आदेश और अधिकारियों की तैनाती का खुलासा पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग की तरफ से गठित शुंगलू कमेटी की जांच में हुआ था। यह यूनिट भी बिना उपराज्यपाल के मंजूरी के बनाई गई थी। इसकी जांच सीबीआई को पूर्व उपराज्यपाल ने ही भेज दी थी। जिस पर प्राथमिक जांच रिपोर्ट दर्ज है।
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उपराज्यपाल कार्यालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने फीडबैक यूनिट को बंद करने के आदेश की पुष्टि की है। उनका कहना है कि यूनिट बंद करने की सतर्कता विभाग की सिफारिश को मार्च के पहले सप्ताह में ही उपराज्यपाल ने मंजूरी दी है। क्योंकि डेढ़ साल के नियम विरुद्ध कार्यों की जांच करने को गठित वीके शुंगलू कमेटी ने इस कमेटी को अवैध करार दिया था।

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यूनिट को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करने के थे आदेश

lg anil baijal calls to shut feedback unit of delhi government
anil baijal - फोटो : PTI

उल्लेखनीय है कि अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की मंजूरी से इस फीडबैक यूनिट का गठन सितंबर 2015 में किया गया था। यूनिट को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करने के आदेश थे।

तर्क दिया गया था कि सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और भ्रष्टाचार फैलाने वाले अधिकारियों को पकड़ने के लिए यह यूनिट बनाई गई थी। सतर्कता विभाग के सूत्र बताते हैं कि 15 सेवानिवृत्त पुलिस व खुफिया विभाग के अधिकारियों को इस यूनिट में लिया गया था लेकिन वो क्या करते थे इसकी जानकारी नहीं थी।

कुछ ने खुद नौकरी छोड़ दी तो कुछ का अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया गया। एक मार्च से यूनिट काम नहीं कर रही है। पिछले साल यूनिट के लिए 10 लाख रुपये का गुप्त फंड भी रखा गया था।

फीडबैक यूनिट के गठन और उसे बंद किए जाने के आदेश को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी यूनिट का गठन गलत नहीं है। हर सरकार कैबिनेट के फैसलों को लागू करने और समीक्षा के  लिए इस तरह की यूनिट बनाती है। जो काम अधिकारियों को सौंपे जाते हैं उसकी निगरानी भी जरूरी होती है।

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