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तेंदुए ने 16 भेड़ों को मार डाला, 20 जख्मी!
अमर उजाला, बुलंदश्ाहर
Updated Sat, 08 Mar 2014 10:00 PM IST
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गुलावठी-सिकंदराबाद के बाद एक बार फिर जनपद में तेंदुए की दहशत दिखाई पड़ी। शिकारपुर क्षेत्र के गांव रंगपुर में शुक्रवार रात किसी जंगली जानवर ने अहाते में बंधी भेड़ों पर हमलाकर 16 भेड़ों को मार डाला जबकि 20 भेड़ घायल हो गई हैं।
ग्रामीणों ने इलाके में तेंदुए के होने की आशंका जताई है। घटना की सूचना पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन उन्होंने किसी जंगली जानवर द्वारा ही इस घटना को अंजाम देने की बात स्वीकारी लेकिन तेंदुए की पुष्टि नहीं की।
सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव रंगपुर निवासी रिशीपाल वाल्मीकि भेड़ पालकर परिवार का भरण पोषण करता है। शुक्रवार रात वह भेड़ों को अहाते में बांधकर सौ मीटर दूर अपने मकान में सोने चला गया था।
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शनिवार सुबह जब वह भेड़ों को चारा देने पहुंचा तो उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई। 15 भेड़ अहाते में जबकि एक बाहर रास्ते पर लहूलुहान हालत में मरी पड़ी थी जबकि 20 भेड़ें घायल अवस्था में खड़ी थीं।
सूचना के बाद थाना पुलिस व वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी केआर मीणा मौके पर पहुंचे। ग्रामीण नरेश ने बताया कि सुबह के समय अंधेरे में उसने कुत्ते से बड़े जानवर को गांव से जाते हुए देखा था।
उसने खेतों में बने जानवर के पंजे भी दिखाए। ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की आशंका जाहिर की, लेकिन वन अधिधकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
परिवार से छिन गया रोजी-रोटी का सहारा
पीड़ित रिशीपाल ने बताया कि उसका रोजी रोटी का साधन ने जंगली जानवर ने छीन लिया। भेड़ मरने से उसे एक लाख से अधिक का नुकसान हुआ है।
ग्राम प्रधान गिरधारी लाल, पूर्व प्रधान रामेश्वर गिरि व बालमुकंद गिरि, मुकेश गिरि, खमानी गिरि, विनोद बाल्मीकि, योगेन्द्र गिरि आदि ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शासन से मुआवजा दिलाये जाने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने इलाके में तेंदुए के होने की आशंका जताई है। घटना की सूचना पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन उन्होंने किसी जंगली जानवर द्वारा ही इस घटना को अंजाम देने की बात स्वीकारी लेकिन तेंदुए की पुष्टि नहीं की।
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सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव रंगपुर निवासी रिशीपाल वाल्मीकि भेड़ पालकर परिवार का भरण पोषण करता है। शुक्रवार रात वह भेड़ों को अहाते में बांधकर सौ मीटर दूर अपने मकान में सोने चला गया था।
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शनिवार सुबह जब वह भेड़ों को चारा देने पहुंचा तो उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई। 15 भेड़ अहाते में जबकि एक बाहर रास्ते पर लहूलुहान हालत में मरी पड़ी थी जबकि 20 भेड़ें घायल अवस्था में खड़ी थीं।
सूचना के बाद थाना पुलिस व वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी केआर मीणा मौके पर पहुंचे। ग्रामीण नरेश ने बताया कि सुबह के समय अंधेरे में उसने कुत्ते से बड़े जानवर को गांव से जाते हुए देखा था।
उसने खेतों में बने जानवर के पंजे भी दिखाए। ग्रामीणों ने तेंदुआ होने की आशंका जाहिर की, लेकिन वन अधिधकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
परिवार से छिन गया रोजी-रोटी का सहारा
पीड़ित रिशीपाल ने बताया कि उसका रोजी रोटी का साधन ने जंगली जानवर ने छीन लिया। भेड़ मरने से उसे एक लाख से अधिक का नुकसान हुआ है।
ग्राम प्रधान गिरधारी लाल, पूर्व प्रधान रामेश्वर गिरि व बालमुकंद गिरि, मुकेश गिरि, खमानी गिरि, विनोद बाल्मीकि, योगेन्द्र गिरि आदि ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शासन से मुआवजा दिलाये जाने की मांग की है।