गर्लफ्रेंड के लिए चुन लिया अपराध का रास्ता
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दक्षिण जिले की एसटीएफ ने बदमाशों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जिनको जैसा मौका लगता था वैसी ही वारदात कर देते थे। इस गिरोह के सदस्य रात में दुकानों के शटर तोड़कर चोरी, झपटमारी और वाहन चोरी की वारदात करते थे।
गिरोह सरगना ने अपनी गर्लफ्र्रेंड के लिए घर छोड़ा और अपराध करने लगा। आरोपी ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुके युवकों को इकट्ठा कर गिरोह बनाया था। दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ के मुताबिक नेबसराय, सैनिक फार्म, छतरपुर और महरौली में खासकर रात में सेंधमारी की बढ़ रही आपराधिक वारदातों को देखते हुए टीम बनाई गई। जांच में पता लगा कि विमल और राकेश का गिरोह वारदातों को अंजाम दे रहा है।
सूचना के बाद टीम ने नेबसराय में जंगल के पास से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बालिग आरोपियों की पहचान विमल, राकेश उर्फ चोटी, शांतानू उर्फ शाहू, रोहित, अभिषेक उर्फ फिड्डी के रूप में हुई। इनके कब्जे से चोरी की एस्टीम कार, तीन मोटरसाइकिल, छीने गए 23 मोबाइल फोन, तीन टैब और पांच डांस फ्लोर लाइट्स बरामद की गईं।
गिरफ्तारी से पुलिस ने किया 13 मामले सुलझाने का दावा
पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से झपटमारी, सेंधमारी व वाहन चोरी के 13 मामलों को सुलझाने का दावा किया है। आरोपी रेकी के दौरान ये देखते थे कि किस शटर का एक तरफ का ताला लगा हुआ है।
जिस तरफ शटर पर ताला लगा होता था उस तरफ से ये शटर को ऊपर उठाकर चोरी करते थे। विमल की एक युवती से दोस्ती थी। परिजनों ने उसके सामने शर्त रखी कि या तो वह लड़की से दोस्ती तोड़ ले या घर छोड़ दे।
उसने घर छोड़ना उचित समझा। आरोपी ने मोबाइल की दुकान खोली। मगर युवती के खर्चों के चलते विमल को घाटा हो गया। इसके बाद उसने अपना गिरोह बनाया और दक्षिण दिल्ली में वारदात करने लगा।