विवेक तिवारी हत्याकांडः विवादित ट्वीट कर फंसे केजरीवाल, दिल्ली में गंभीर धाराओं में केस दर्ज
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लखनऊ में एपल के कर्मचारी की शुक्रवार देर रात पुलिसवालों द्वारा की गई हत्या के मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को ट्वीट करना महंगा पड़ रहा है। एक ओर जहां उनके ट्वीट पर विवेक तिवारी की पत्नी ने दुख और नाराजगी जताई है, वहीं दिल्ली के एक वकील अश्विनी उपाध्याय ने उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।
ताजा मामले में सोमवार को वकील अश्विनी उपाध्याय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ तिलक नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 504 और 505 और आईटी एक्ट के सेक्शन 67 के तहत धर्म व जाति के नाम पर वैमनस्यता फैलाने और बीजपी नेताओं को बदनाम करने के लिए दर्ज कराया है।
केजरीवाल को एपल कर्मी विवेक की पत्नी ने लताड़ाLawyer Ashwini Upadhyay has lodged complaint against Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal in Delhi's Tilak Marg police station under sections 153A, 295A, 504 & 505 IPC & Section 67 of IT Act for promoting enmity on the grounds of caste & religion & defaming BJP leaders. pic.twitter.com/Tcbv4Wdywn
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 1, 2018
देशभर को सहमा देने वाले विवेक तिवारी हत्याकांड पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने टिप्पणी की कि ‘एक बेगुनाह हिंदू को दिनदहाड़े गोली मार दी। उनके हत्यारे से थाने में बिठा कर प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाते हो। आपका मंत्री उनको अपराधी घोषित करता है। उनके लिए जब हम न्याय मांगते हैं तो भाजपा वाले कहते हैं कि हमारी औछी सोच है।’
इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नाराजगी जताई। वहीं विवेक तिवारी की पत्नी ने रविवार को इस पर कहा कि केजरीवाल इस प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकतें, उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस मामले को जाति-धर्म से न जोड़ने की अपील की। केजरीवाल ने फोन करके कल्पना तिवारी से बात करके उन्हें हर तरह से मदद की पेशकश की।
कल्पना तिवारी ने दिया यह जवाब
‘केजरीवाल जी का फोन आया था, उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि मुझे किसी भी प्रकार की कोई भी मदद की जरूरत हो तो हम तैयार हैं, हमें बताइएगा। हमारा पूरा सहयोग है आपके साथ। किसी ने सवाल किया था कि वे जातिवाद पर सवाल कर रहे हैं। तो मैं कहना चाहूंगी कि केजरीवाल जी बेहद सिंसियर व्यक्ति हैं, वे ऐसी बात नहीं कर सकते। फिलहाल मुझे सपोर्ट दिखाने की जरूरत है, यह जातिवाद का कोई मामला नहीं है। हर चीज को जातिवाद से नहीं जोड़ना चाहिए। मोदीजी ने जातिवादी को बढ़ावा नहीं दिला है। इसी प्रकार सभी को सभी का ध्यान रखना चाहिए।’