गलत निकला फोर्टिस अस्पताल के बारे में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री का दावा
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हालांकि सरकार को हुडा एक्ट की धारा 17 के तहत अलॉटमेंट रद्द कर इसका अधिग्रहण करने का अधिकार है। द्वारका के रहने वाले जयंत सिंह की बेटी आद्या को डेंगू के 15 दिन के इलाज के एवज में फोर्टिस अस्पताल ने 15.76 लाख रुपये का बिल थमा दिया था।
इस मामले में जांच के बाद हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में कई खामियां पाईं। इसके आधार पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हुडा को पत्र लिखकर अस्पताल की लीज रद्द करने की बात कही। लेकिन जांच में पता चला कि फ्री होल्ड आवंटन के कारण जमीन का मालिकाना हक अस्पताल के नाम पर ही है।
कमजोर लोगों का इलाज मुफ्त में करना होगा
केवल निर्माण काम के लिए ही हुडा से अनुमति लेनी पड़ती है। एक आरटीआई के जवाब में हुडा के एस्टेट ऑफिसर ने बताया कि फोर्टिस अस्पताल को फ्री होल्ड अलॉटमेंट के आधार पर 11.5 एकड़ भूमि दी थी। इसके लिए हुडा ने 19.77 करोड़ रुपये की रकम वसूली थी।
हुडा ने 11 दिसंबर 2004 को अस्पताल को जमीन आवंटन किया था। इसके बाद 2011 में हुडा की ओर से कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया गया। फ्री होल्ड आवंटन में भी शर्त थी कि गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर हरियाणा के लोगों का इलाज मुफ्त में करना होगा।
आरटीआई कार्यकर्ता हरिंद्र ढींगरा का कहना है कि जमीन फ्री होल्ड है तो लीज रद्द करने का सवाल ही नहीं उठता है। वैसे सरकार चाहे तो कार्रवाई करते हुए वह इस फ्री होल्ड भूमि को भी वापस ले सकती है। अमूमन इस तरह के मामले में कोर्ट से स्टे मिल जाता है।