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घर में बांटे जा रहे थे लड्डू; दोस्त बोला, लिस्ट से हट गया नाम
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 17 Apr 2018 08:28 PM IST
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आयोग की परीक्षा पास करके बेटे का अफसर बनने का रास्ता साफ हुआ तो पूरे घर में खुशी का माहौल बन गया। चूंकि सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी थी, ऐसे में दोस्त-रिश्तेदार और पड़ोसी मिठाई की फरमाइश भी करने लगे थे। नौकरी की खुशी में अरविंद के परिवार ने मिठाई भी बांट दीं, मगर उनकी यह खुशी अगले ही दिन गम में बदल गई। हाथ आई नौकरी एकाएक इस तरह से फिसल जाएगी, ऐसा परिवार ने सपने में भी नहीं सोचा था।
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अरविंद के अनुसार, दस्तावेज की जांच के बाद घर में खुशी का माहौल था। नाते रिश्तेदारों को जैसे ही पता चला कि लड़का एसडीओ भर्ती हो गया है तो बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ था। घर परिवार और मोहल्ले में मिठाइयां बंट चुकी थी।
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16 मार्च को उनके एक दोस्त का फोन आया। उसने उनका रोल नंबर पूछा और थोड़ी देर में दोबारा फोन करने की बात कही। कुछ देर बाद उसने अरविंद को फोन कर बताया कि एचपीएससी ने संशोधित परिणाम डाला है और उस लिस्ट में उसका नाम नहीं है। यह सुनते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने खुद चेक किया तो दोस्त की बात सही थी।
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इंटरव्यू में हुआ खेल
अरविंद ने बताया कि 14 मार्च को दस्तावेज की जांच के अगले ही दिन यानी 15 मार्च को कमीशन ने अपनी वेबसाइट पर संशोधित परिणाम डालते हुए लिखा कि सहायक अभियंता ‘एई’ मैकेनिकल के लिए निकली भर्ती में एससी वर्ग के लिए 1520 रोल नंबर और बीसीए वर्ग में 2265 रोल नंबर गलती से डल गए हैं।
इनके रोल नंबर मेरिट के आधार पर नहीं हैं और उनके स्थान पर एससी वर्ग में रोल नंबर 3996 तथा बीसीए वर्ग में 2901 को शामिल किया गया। साथ ही इन सभी को एक दिन बाद ही 17 मार्च को नौकरी पर ज्वाइन भी करवा दिया गया।
अरविंद ने आरोप लगाया कि इस मामले में साक्षात्कार के दौरान सारा खेल हुआ है। सहायक अभियंता ‘एई’ मैकेनिकल के लिए एससी वर्ग में आवेदक नीरज कुमार रोल नंबर 2744 ने 100 में से सबसे अधिक 86.45 अंक लिए थेए उन्हें साक्षात्कार के दौरान 28 अंक दिए गएए जबकि लिखित परीक्षा में चौथे नंबर पर 66.66 अंक प्राप्त करने वाले आवेदक सुमित मेणिया को सर्वाधिक 30 अंक दिए गए हैं।
अरविंद (रोल नंबर 1520) लिखित परीक्षा में 69.79 अंक प्राप्त कर दूसरे नंबर पर रहा। उसे साक्षात्कार में 27 अंक दिए गए। अरविंद ने इसमें घोटाले की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री व आईजी सीआईडी को मामले की जांच करवाने के लिए शिकायत दी है।