दिल्ली: वेंटिलेटर के अभाव में नौ साल की बच्ची की मौत
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दिल्ली सरकार राजधानी में मेडिकल सुविधाएं देने के कितने ही गुणगान करती रहे, लेकिन बुधवार रात जो कुछ हुआ उसने राजधानी में मेडिकल सुविधाओं की पोल खोलकर रख दी है।
वेलकम इलाके में दूसरी मंजिल से नीचे गिरने के बाद एक गरीब परिवार अपने बच्ची के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा, मगर वेंटिलेटर न मिलने के चलते उसकी मौत हो गई।
आहाना (9) अपने परिवार के साथ 5/188, गली नंबर-5, शनि बाजार, कबीर नगर में रहती थी। इसके परिवार में पिता शाहिद, मां बीबी फातिमा, एक भाई व तीन बहनें हैं।
तीन-तीन अस्पतालों में नहीं मिला वेंटिलेटर
शाहिद छोटा-मोटा काम करता है। बुधवार रात को आहाना अपने भाई बहनों के साथ दूसरी मंजिल पर खेल रही थी। इसी बीच अचानक वह नीचे गिर गई। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद आहाना को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची की हालत देखकर बताया कि उसे वेंटिलेटर की जरूरत है, अस्पताल में कोई वेटिंलेटर खाली नहीं है। वह बच्ची को किसी दूसरे अस्पताल ले जाएं।
आहाना का पिता शाहिद बच्ची को जीटीबी अस्पताल में ही छोड़कर चाचा नेहरू अस्पताल, बाद में एलएनजेपी अस्पताल पहुंचा। लेकिन दोनों ही जगह उसे मना कर दिया गया।
गरीब होने की वजह से परिवार बच्ची को लेकर किसी प्राइवेट अस्पताल नहीं जा सकता था। रातभर अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद बृहस्पतिवार सुबह बच्ची ने दम तोड़ दिया।