फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   labour strike against haryana government

हरियाणा में छिड़ने जा रहा है एक और 'सत्याग्रह'

Mon, 27 Jan 2014 05:44 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 27 Jan 2014 05:44 PM IST
विज्ञापन
labour strike against haryana government

हरियाणा सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन बढ़ाए जाने के बाद इसके लागू होने में देरी से श्रमिकों में आक्रोश है।

विज्ञापन


श्रमिक संगठनों का आरोप है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर टालमटोल कर रही है। इसके खिलाफ हरियाणा के तकरीबन 47 श्रमिक यूनियनों की ओर से व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। लोकसभा चुनावों के दौरान न्यूनतम वेतन का यह मुद्दा प्रदेश सरकार के गले की फांस बन सकती है। वहीं उद्योगों की भी स्थिति खराब होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

श्रमिक संगठनों का कहना है हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन को बढ़ा कर 8100 रुपये करने की घोषणा की है। पर इसे लागू नहीं किया जा रहा है। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) नेताओं का कहना है कि उद्योगों के साथ मिलीभगत कर सरकार श्रमिकों के हितों को दरकिनार कर रही है। बढ़ती महंगाई के कारण श्रमिकों का जीना मुहाल हो रहा है।
विज्ञापन


हरियाणा सीटू के महासचिव सतवीर सिंह ने कहा कि 2005 में न्यूनतम वेतन रिवाइज हुआ था। इसे 2010 में लागू होना था। मगर इसकी घोषणा अब की गई है वह भी कागजी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मजदूरों के वेतन की चोरी कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मारुति उद्योग कामगार यूनियन के महासचिव कुलदीप जांगू का कहना है कि सरकार निजी संस्थानों में न्यूनतम वेतन लागू करने में आनाकानी कर रही है। जबकि उसने सरकारी संस्थानों के मजदूरों पर इसे लागू कर दिया है। सरकार को जल्द ही सभी मजदूरों को राहत देने की दिशा में काम करना चाहिए।

29 जनवरी से शुरू होगा आंदोलन
सीआईटीयू हरियाणा राज्य कमेटी के आह्वान पर 29-30 जनवरी को राज्य भर में उपायुक्त कार्यालयों पर पड़ाव की तैयारी चल रही है। यह जानकारी सोमवार को गुड़गांव में सीआईटीयू के प्रदेश महासचिव कामरेड सतवीर सिंह, सचिव कामरेड राज सिंह और कामरेड वीरेंद्र मलिक ने दी।

उन्होंने कहा की पड़ाव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में न्यूनतम वेतन 15,000 रुपये करने के लिए सरकार पर दबाव बनाना। वहीं राज्य सरकार की घोषणाओं को लागू करवाना है। श्रमिक विवादों का समाधान के लिए सरकार को जगाना। इसकी तैयारियों के लिए रेवाड़ी, मेवात, पलवल, और फरीदाबाद में बैठकें हो चुकी हैं। 30 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय पर सीआईटीयू के राष्ट्रीय महासचिव सांसद कामरेड तपन सेन, सीआईटीयू राष्ट्रीय सचिव व तमिलनाडु के विधायक कामरेड सुंदर राजन मौजूद रहेंगे।


सरकार मुसीबत में
हालांकि हरियाणा सरकार न्यूतम वेतन के मुद्दे पर एडवाइजरी बोर्ड का गठन कर दिया है। जानकारी के मुताबिक तीन फरवरी को इसी मीटिंग चंडीगढ़ में होगी। फिर भी सरकार की मुसीबत कम नहीं होती दिख रही है। एक तरफ उद्यमी न्यूनतम वेतन नहीं बढ़ाने का दबाव उस पर बना रहे हैं और वहीं श्रमिक संगठन इसे लागू करने का। अब सरकार क्या निर्णय लेगी यह समय ही बताएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed