कुमार विश्वास आयोग में नहीं हुए पेश, फिर भेजा समन
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‘आप’ नेता कुमार विश्वास पर अवैध संबंध की अफवाहों का खंडन कराने की मांग पर दिल्ली महिला आयोग के बुलाने के बावजूद भी विश्वास मंगलवार को आयोग के समक्ष पेश नहीं हुए। आयोग की अध्यक्षा बरखा शुक्ला सिंह ने पत्रकार वार्ता बुलाकर कहा कि कुमार समन न मिलने की बात कहकर झूठ बोल रहे हैं।
आयोग ने विश्वास व उनकी पत्नी के अलावा पीड़िता के पति को बाई हैंड नोटिस भेज कर फिर से आज (बुधवार) को पेश होने का समन भेजा है। वहीं, पुलिस को भी रिपोर्ट भेज दी गई है, इसके बाद उन्हें पुलिस के माध्यम से बुलाया जा सकता है।
वहीं, आयोग की सदस्य जूही खान ने इस बीच विश्वास को ईमानदार व्यक्ति का दर्जा देते हुए डीसीडब्ल्यू की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह को इस पूरे मामले पर राजनीति करने का आरोप भी लगाते हुए इस्तीफा देने की बात कही है।
मामले पर महिला आयोग ने भेजा था सम्मन
बता दें कि अवैध संबंध की अफवाहों के कारण अमेठी में कुमार के चुनाव प्रचार में शामिल रही एक महिला ने परिवार टूटने पर कुमार विश्वास व उनकी पत्नी का खंडन करने की मांग की थी। इस मामले में आयोग ने मंगलवार दोपहर तीन बजे विश्वास व उनकी पत्नी को आयोग के समक्ष पेश होने का समन भेजा था।
जब ये लोग पेश नहीं हुए तो आयोग अध्यक्षा ने पत्रकारों से कहा कि विश्वास को शनिवार को समन भेजा गया था इसके लिए डाकखाने से रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट से पता लगता है कि समन डिलीवर हुआ है, हालांकि रिसीविंग की डिटेल नहीं है।
इसके चलते अब आयोग ने बाई हैंड समन भेजा है। हालांकि दूसरे समन में पीड़िता के पति को भी पेश होने का निर्देश दिया है, ताकि वे अपनी पत्नी की सच्चाई को समझ सकें। बरखा ने कहा कि सुना है कि वे बुधवार को अमेरिका जा रहे हैं, लेकिन हमारी गुजारिश है कि वे कवि हैं और बेहद अच्छे इंसान हैं, इसलिए आयोग उम्मीद करता है कि वे किसी का घर बसाने के लिए एक बार यहां आकर संबंधों पर सफाई जरूर देंगे। वे स्थिति स्पष्ट कर दें तो एक महिला का परिवार टूटने से बच जाएगा।
जूही ने की कुमार की पैरवी, हंगामा
आयोग मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान सदस्या जूही खान बोल उठी कि विश्वास बेहद ईमानदार व्यक्ति हैं और उन पर लगाए जा रहे सारे आरोप गलत हैं। इस पर बरखा ने बोला कि हम कब कह रहे हैं कि कुमार अच्छे व्यक्ति नहीं हैं?
बल्कि हम तो आरोपों पर महज सफाई देने की मांग कर रहे हैं, ताकि किसी का घर उजड़ने से बस सके। इसी बात पर हंगामा हो गया और जूही बरखा पर राजनीति के तहत कुमार को परेशान करने का आरोप लगाते हुए यह कहकर उठकर चली गईं कि वे आयोग के सदस्य पद से इस्तीफा दे रही हैं।
क्योंकि वे पूरे मामले से बेहद आहत हैं। हालांकि आयोग का कहना है कि जूही खान का कोई इस्तीफा हमारे पास नहीं पहुंचा है। जूही का पूरे मामले में दखल देने का कोई औचित्य नहीं था।
केजरी के इशारे पर जूही ने किया हंगामा : बरखा
जूही ने बरखा पर जैसे ही पूरे मामले पर राजनीति (बरखा कांग्रेस से है) करने का आरोप लगाया पूरा माहौल ही बदल गया। जहां पहले एक महिला को इंसाफ दिलाने की बात हो रही थी, वहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की राजनीति शुरू हो गई।
बरखा ने कहा कि जूही को कॉन्फ्रेंस में आने की इजाजत नहीं थी। क्योंकि इस केस की जांच उनके जिम्मे नहीं है। जूही को शीला दीक्षित ने सदस्य बनाया था, लेकिन आजकल वो ‘आप’ की सदस्य बन गई हैं और इस पूरे मामले के बीच आकर बोलने के लिए उन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भेजा है।
ताकि इस पूरे मामले (‘आप’ की पीड़ित महिला और कुमार विश्वास के संबंधों) से ध्यान हटकर वे आयोग सदस्य को आपस में भिड़ा दें और दो महिलाओं की लड़ाई करवा दी। यह सब ‘आप’ की शह पर हुआ है।
पीड़िता के पति का नाम लेकर की गलती
इस पूरे हंगामे के बीच महिला आयोग अध्यक्ष बरखा ने पीड़ित महिला के पति का नाम सार्वजनिक कर दिया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि इस तरह के मामलों में महिला और उसके परिवार की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाए।