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कृष्णपाल: पार्षद से जहाजरानी राज्यमंत्री तक

Wed, 28 May 2014 11:39 AM IST
Updated Wed, 28 May 2014 11:39 AM IST
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Krishan Pal Gurjar got Union Street - Transport and Shipping MOS in Modi's cabenet

नगर निगम के पार्षद से सफर शुरू कर देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहुंचकर केंद्रीय सड़क-परिवहन एवं जहाजरानी राज्यमंत्री का कार्यभार ग्रहण करने वाले कृष्णपाल गुर्जर को हर दफा पहली बार में नई जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला।

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फरीदाबाद के इतिहास में अभी तक ऐसी सफलता किसी अन्य राजनेता को नसीब नहीं हो सकी है। इसे किस्मत का खेल कहें या कुछ और।

इतना जरूर है कि गुर्जर ने जहां-जहां कदम बढ़ाया, आगे ही बढ़ते चले गए। उनकी इस उपलब्धि और मैनेजमेंट पर पुराने कांग्रेसी भी कायल हैं।

भाग्य के भी धनी हैं गुर्जर

Krishan Pal Gurjar got Union Street - Transport and Shipping MOS in Modi's cabenet

किस्मत के धनी गुर्जर ने अपने राजनैतिक जीवन के 34 वर्षों में छोटी से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत तक देख ली। फरीदाबाद नगर निगम के वह पहले और अकेले पार्षद हैं जिन्होंने यहां तक का सफर तय किया है।

इससे नगर निगम प्रशासन भी गदगद है। प्रदेश में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शिवचरण लाल शर्मा के पुत्र और नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर मुकेश शर्मा का कहना है कि गुर्जर की राजनीतिक उपलब्धि को शहर हमेशा याद करेगा। क्योंकि उन्हें लंबे दौर के खालीपन को भरा है।

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ऐसा रहा है गुर्जर का राजनीतिक सफर

Krishan Pal Gurjar got Union Street - Transport and Shipping MOS in Modi's cabenet

फरीदाबाद के मेवला महराजपुर गांव में चार फरवरी 1957 को जन्में गुर्जर की राजनैतिक गतिविधियों पर नजर डालें तो उन्हे हर बार नई जिम्मेदारियां निभाने का मौका मिला। पढ़ाई पूरी करने के बाद 80 के दशक में लोकदल से राजनैतिक जीवन में कदम रख दिया।

1990 में बीजेपी में शामिल होने के बाद वर्ष 1994 में पहली बार गठित फरीदाबाद नगर निगम में पार्षद का चुनाव लडे़ और शानदार जीत के साथ पार्षद बन गए। इसी वर्ष उन्हें भाजपा के प्रदेश महासचिव की भी जिम्मेदारी दी गई। 1996 में हुए विधानसभा चुनाव में वह मेवला महाराजपुर से हविपा-भाजपा गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी बने और कद्दावर कांग्रेसी नेता महेंद्र प्रताप सिंह को हराकर पहली बार में ही विधायक बन गए।

यही नहीं इसी साल उन्हें बंसीलाल सरकार में परिवहन मंत्री बनाया गया। वर्ष 2000 विधानसभा चुनाव जीतने पर वह विधानसभा में पहली बार भाजपा पक्ष के नेता बने। वर्ष 2009 में हुए परिसीमन में बनी नई सीट तिगांव विधानसभा से पहली बार में ही जीत हासिल कर ली। इसी वर्ष उन्हें हरियाणा बीजेपी का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया। 2014 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर पहली बार में ही केंद्रीय राज्यमंत्री के पद पर विराजमान हो गए।

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