जानिए क्यों दिल्ली पुलिस ने किया तोमर को गिरफ्तार ?
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दिल्ली पुलिस ने जितेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी पर कहा कि कानून मंत्री की गिरफ्तारी जल्दबाजी में नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक एक शुद्ध शिकायत के आधार पर ही तोमर की गिरफ्तारी हुई। ये शिकायत दिल्ली पुलिस को बार काउंसिल से मिली थी।
दिल्ली के कानून मंत्री गिरफ्तार पर दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर गिरफ्तारी और जांच की जानकारी दी। प्रेस कांफ्रेंस में सोशल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर दीपक मिश्रा भी मौजूद रहे।
पुलिस ने कहा कि तोमर की दोनों डिग्रियों की जांच के लिए 2 टीम बनाई गई थी। उनकी ग्रेजुएशन और एलएलबी की डिग्री फर्जी पायी गई। पुलिस ने कहा कि उनकी एलएलबी की डिग्री पर जो रोल नंबर था, वह युनिवर्सिटी में किसी दूसरे स्टूडेंट के नाम पर पाया गया।
तोमर का माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी फर्जी
तोमर के खिलाफ 8 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्हें बार काउंसिल की जांच रिपोर्ट के आधार पर आईपीसी के धारा 467, 468 और 120 बी के तहत गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने कहा कि तोमर ने दस्तावेज में जो माइग्रेशन सर्टिफिकेट दिखाया है वो बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी का है। लेकिन बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी ने इसे अपने रिकॉर्ड में होने से मना कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को फॉलो किया गया है।