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'सुप्रीम जीत' पर 'आप' की चिंता: 'आजादी का मकसद था कि लोग अपनी सरकार चुनें और...', AAP ने BJP पर साधा निशाना

Tue, 20 Feb 2024 05:40 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 20 Feb 2024 05:40 PM IST
सार

सौरभ भारद्वाज बोले कि यह कोई साधारण इलेक्शन नहीं था, इस इलेक्शन को कराने के लिए बार-बार 'आप' को कोर्ट जाना पड़ा। सबसे पहले जनवरी में हाईकोर्ट में रिट लगाकर इलेक्शन कराने अर्जी लगाई गई।

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Know what AAP said on Supreme Court s decision regarding Chandigarh Mayor elections
मंत्री सौरभ भारद्वाज - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिससे आम आदमी पार्टी (आप) में खुशी की लहर है। कोर्ट से मिली जीत के बाद 'आप' की ओर से दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज इस लड़ाई में लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत हुई है। आज खुशी से ज्यादा चिंता है। 

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दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाते हुए कहा कि 'आजादी के क्या मायने होते हैं? सड़कें-ट्रेन अंग्रेज भी बना रहे थे, आजादी का मकसद था कि लोग अपनी सरकार चुनें और उस सरकार से देश चले। आज चिंता इस बात की है, खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बताने वाली पार्टी छोटे से चुनाव को जीतने के लिए हर हथकंडे अपनाए, जो कैमरे में भी कैद हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह से इस पार्टी को एक्सपोज किया है मुझे नहीं लगता इतनी साफगोई से कोई सरकार एक्सपोज हुई होगी। इतने छोटे चुनाव में भी बेईमानी हुई।

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कोर्ट ने हुई सुनवाई का जिक्र करते हुई सौरभ भारद्वाज बोले कि यह कोई साधारण इलेक्शन नहीं था, इस इलेक्शन को कराने के लिए बार-बार 'आप' को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। सबसे पहले जनवरी में हाईकोर्ट में रिट लगाकर इलेक्शन कराने अर्जी लगाई गई। इसके बाद कोर्ट ने ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ इलेक्शन कराने के ऑर्डर दिए। इसके बाद फिर से इलेक्शन में हो रही देरी को लेकर कोर्ट में जाना पड़ा। जब इलेक्शन हुआ तो उसमें क्या हुआ यह सबने देखा।

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मंत्री भारद्वाज ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को इंडिया गठबंधन की पहली जीत करार दिया है। साथ ही कहा कि आम आदमी पार्टी को एक-एक फाइल को साइन कराने के लिए  सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जाना पड़ता है। आज चिंता 'आप' की इस देश को और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने की है। जो पार्टी इस छोटे से चुनाव में ऐसा कर सकती है वो क्या नहीं कर सकती। आज सुप्रीम कोर्ट ने उसे आईना दिखाया है।

आठ बैलेट पेपर वैध मानते हुए 'आप' के कुलदीप कुमार विजयी घोषित किया
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय बेंच ने आदेश दिया है कि मेयर चुनाव में अमान्य किए गए 8 बैलेट पेपर मान्य माने जाएंगे। जिसके बाद आम आदमी पार्टी के कुलदीप कुमार को मेयर घोषित कर दिया गया।

आठ मतों को जोड़कर गठबंधन उम्मीदवार को मिले 20 वोट

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को 12 वोट मिले थे। आठ मतों को गलत तरीके से अमान्य करार दे दिया गया। बाद में ये आठ वोट याचिकाकर्ता के पक्ष में पाए गए। इस तरह आठ मतों को जोड़ देने पर याचिकाकर्ता के 20 वोट हो जाते हैं। लिहाजा, आप पार्षद और याचिकाकर्ता कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ नगर निगम के महापौर पद पर निर्वाचित घोषित किया जाता है। पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह द्वारा भाजपा प्रत्याशी को विजेता घोषित करने का फैसला अमान्य है। 

'आप' उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए आठ वोटों पर थे अतिरिक्त निशान

बेंच ने कहा कि पीठासीन अधिकारी ने पहले तो महापौर चुनाव की प्रक्रिया में गैरकानूनी तरीके से तब्दीली की। इसके बाद उन्होंने 19 फरवरी को इस अदालत के समक्ष झूठ कहा। इससे पहले अदालत ने 30 जनवरी को हुए मतदान के बैलेट पेपर की जांच की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए आठ वोटों पर अतिरिक्त निशान थे। 

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