दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के क्या हैं नियम?: धरने से कितने दिन पहले लेनी होती है अनुमति, कौन-कौन से हैं स्थल?
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य की है। सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई होगी।
विस्तार
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जंतर-मंतर पर किसी भी सभा, प्रदर्शन, धरने या विरोध प्रदर्शन के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। यह निर्देश रिट याचिका (सिविल) मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ और अन्य में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में दिया गया है। दिल्ली पुलिस स्टैंडिंग ऑर्डर में भी इसका उल्लेख है।
कार्यक्रम से कितने दिन पहले कर सकते हैं आवेदन
अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तावित कार्यक्रम से कम से कम 10 दिन पहले जमा करना होगा। आवेदन नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शन और धरने पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इस प्रतिबंधित क्षेत्र में इंडिया गेट, सी-हेक्सागन, मान सिंह रोड, जनपथ, राजपथ और आसपास के लॉन शामिल हैं।
लोगों की संख्या के अनुसार स्थान निर्धारित
दिल्ली पुलिस स्टैंडिंग ऑर्डर 2022 में प्रतिभागियों की अपेक्षित संख्या के अनुसार निर्धारित स्थान भी बताए गए हैं। 1,000 तक प्रतिभागियों के लिए जंतर-मंतर निर्धारित किया गया है। यदि प्रतिभागियों की संख्या 1,000 से 50,000 के बीच है, तो रामलीला मैदान का उपयोग किया जा सकता है।
50,000 से अधिक प्रतिभागियों के लिए बुराड़ी स्थल तय किया गया है। सभी संबंधित व्यक्तियों को इन निर्देशों का पालन करना होगा। किसी भी उल्लंघन पर कानून के अनुसार कानूनी कार्रवाई हो सकती है।