पतंग के मांझे से बुरी तरह कटा पैर, देश में पहली बार सामने आया ये अनोखा केस
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यह अक्सर सुनने को मिलता है कि पतंगबाजी में इस्तेमाल होने वाला धागा खतरनाक हो सकता है। पतंगबाजी के दौरान हादसे होते रहते हैं लेकिन पतंग के मांझे वाले धागे से शरीर का कोई अंग कट कर बिल्कुल अलग भी हो सकता है।
ऐसा एक मामला दिल्ली के एक अस्पताल में सामने आया। मरीज के इलाज के बाद केस की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने पड़ताल की तो पता लगा कि ऐसी घटना भारत में इससे पहले कहीं दर्ज नहीं है। इसी वजह से इस केस को अनोखा मानते हुए इंडियन जर्नल ऑफ प्लास्टिक सर्जरी में जगह मिली है।
सर गंगा राम अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के सीनियर कंस्लटेंट डॉ. विवेक कुमार ने बताया कि पतंगबाजी का धागा खतरनाक होता है यह सबको पता होता है लेकिन इतना खतरनाक हो सकता है, यह इस केस में देखने को मिला। पतंगबाजी के धागे से मरीज के पैर का निचला हिस्सा 20 सेमी. गुणा 4 सेमी. लंबा कट गया था। पैर का हिस्सा सिर्फ हड्डी के सहारे थोड़ा सा लटका हुआ था।
पतंगबाजी का अनोखा मामला देख डॉक्टर हुए हैरान
डॉ. कुमार ने बताया कि पतंगबाजी के मेटेलिक धागे (मांझे) की वजह से मरीज के पैर की नसें और धमनियों से लेकर कई जरूरी टिश्यू पूरी तरह से कट कर अलग हो चुके थे। सिर्फ हड्डी और एक तरफ की स्कीन पैर में बच गई थी।
मरीज की रिकंस्ट्रक्टिव और प्लास्टिक सर्जरी की गई। इसके बाद इस बात की जांच की गई कि इससे पहले इस तरह का मामला रिकार्ड में है या नहीं। तब पता चला कि भारत में इससे पहले इस तरह का कोई केस रिकार्ड नहीं है।
दिल्ली के हरिनगर में रहने वाले संत लाल अनेजा (76) 1 अगस्त-2015 को सड़क पर जा रहे थे उसी दौरान एक धागा उनके पैर में फंसा। बिना देखे वह धागे को पैर से खींचते हुए आगे बढ़ गए। नतीजतन पैर का निचला हिस्सा तीन चौथाई से ज्यादा कट गया। इसके बाद इन्हें पहले दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल और उसके बाद गंगा राम अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था।