केंद्र सरकार के ऐलान से खुश नहीं हैं किसान, टिकैत ने कहा- जारी रहेगा आंदोलन
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किसान संघ और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही और किसानों का यह आंदोलन अभी आगे भी जारी रहेगा। इस बैठक में किसानों की 7 मांगों पर सहमति बनी लेकिन दो मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। सुरेश राणा ने राजनाथ सिंह के घर के बाहर हुई बैठक खत्म होने के बाद ऐलान किया कि किसानों और सरकार के बीच 7 मुद्दों पर सहमति बनी है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत किसान संघ के नेताओं के साथ गाजीपुर सीमा पर बैठे किसानों से मिले और जिन मुद्दों पर बैठक में सहमति बनी थी उनका ऐलान भी किया।
शेखावत ने ये भी कहा कि किसानों की मांग पूरी करने के लिए एक कमेटी भी बनेगी।
-उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल के सामने मांग रखेंगे।
-अब किसान पुराना ट्रैक्टर चला पाएंगे।
-किसानों की खरीद तीन महीने चले।
-खेती को नरेगा से जोड़ा जाएगा।
केंद्रीय मंत्री की घोषणा के बाद भाकियू के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि वो सरकार से संतुष्ट नहीं हैं और अभी उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर हम खुश होते तो सरकार की जय-जयकार करते लेकिन ऐसा नहीं है। वहीं आज अजित सिंह भी किसानों से मिलने पहुंचे।
हरिद्वार से दिल्ली के लिए चली किसान क्रांति यात्रा मंगलवार को दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर हिंसक हो गई। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सोमवार को ही पूर्वी दिल्ली में धारा 144 लागू कर किसानों के दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन इसकी परवाह किए बगैर किसान गाजीपुर बॉर्डर पर हजारों की तादाद में इकट्ठा हो गए। यूपी पुलिस की ओर से लगाए बेरीकेड को ट्रैक्टरों से तोड़ते हुए किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर लगाई बेरीकेडिंग को तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया।
सी बीच किसानों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने पानी की बौछार डालकर किसानों को रोकने की कोशिश की। इस पर किसान और उग्र हो गए। ऐसे में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां भांजकर किसानों को खदेड़ा। किसानों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में दोनों ओर से कई किसान व पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। सरकार से बातचीत के बीच देर शाम तक किसान बॉर्डर पर डटे हुए थे।
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) की ओर से आयोजित किसान क्रांति यात्रा को बापू के जन्म दिवस दो अक्टूबर पर दिल्ली पहुंचना था। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कानून व्यवस्था, ट्रैफिक की समस्या और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार भारी संख्या में ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में प्रवेश पर पाबंदी का हवाला देकर किसानों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगा दी। बावजूद इसके किसानों ने दिल्ली की ओर कूच किया।
दिल्ली पुलिस ने किसानों के राजधानी में प्रवेश को रोकने के लिए गाजीपुर में दो और आनंद विहार, ईडीएम मॉल, सीमापुरी और भोपरा में एक प्वाइंट बनाए हुए थे। यहां बेरीकेड और डिवाइडर वाले बड़े पत्थर लगाकर बॉर्डर को सील किया गया था।
सुबह 8.00 बजे से किसानों की भारी भीड़ गाजीपुर स्थित बॉर्डर पर ट्रैक्टर-ट्रॉलिया लेकर पहुंच गई। पुलिस ने लाउड-स्पीकर के जरिये किसानों को कानून का उल्लंघन न कर शांति बनाए रखने के लिए कहा। बावजूद इसके धीरे-धीरे किसानों की भीड़ बढ़ती चली गई। करीब 10.30 बजे किसानों ने यूपी पुलिस की ओर से लगाए गए बेरीकेडिंग को तोड़ते हुए दिल्ली की सीमा में घुसने का प्रयास किया। पुलिस ने लाउड-स्पीकर से घोषणा कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन गाजीपुर फ्लाईओवर के नीचे लगी बेरीकेडिंग को किसानों ने ट्रैक्टर से तोड़ने की कोशिश की।
पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग कर किसानों को रोकने की प्रयास किया।इसी बीच एक ट्रैक्टर चालक ने बेरीकेडिंग तोड़ दी और उसी समय किसान दिल्ली की सीमा में घुसने लगे तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले व लाठी चलाकर उन्हें यूपी की सीमा में खदेड़ दिया। गुस्साए किसानों ने सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग तोड़कर पुलिस पर पत्थर व लाठियों से हमला कर दिया। किसान आंसू गैस व लाठियों से बचकर बॉर्डर से सटे जंगल की ओर भागे। पथराव में कई पुलिसकर्मियों को चोटें लगी। इधर, किसानों ने भी पुलिस पर पथराव करने के आरोप लगाए हैं।
किसान हुए जख्मी
दोपहर तक राह-राहकर किसान नारेबाजी करते रहे। हिंसक झड़प के दौरान कई किसान जख्मी हुए, जिन्हें यूपी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर पुलिसकर्मियों को चोट लगी तो उन्हें एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोपहर के समय किसान नेताओं की सरकार से बातचीत और समझौते की खबर से किसान कुछ शांत हुए, लेकिन शाम होते-होते किसानों ने सरकार की बात मानने से इंकार कर दिया और गाजीपुर बॉर्डर पर ही डट गए।
किसानों को रोकने के लिए देर शाम तक दिल्ली की लगभग हर जिले के पुलिसकर्मी बॉर्डर पर डटे हुए थे। दूसरी ओर किसान यात्रा के दौरान दिल्ली-गाजीपुर बॅार्डर, आनंद विहार, सीमापुरी, भोपरा आदि बॉर्डर बंद रहे।
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वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसानों को यूपी गेट से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। मौके पर आरएएफ और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बार्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।
भाकियू नेता नरेश टिकैत ने कहा कि हमें यहां क्यों रोक दिया गया है? रैली एक अनुशासित तरीके से आगे बढ़ रही थी। अगर हम सरकार को अपनी समस्याओं के बारे में नहीं कहेंगे तो किससे कहेंगे? क्या हम पाकिस्तान या बांग्लादेश से कहेंगे?
बता दें कि करीब 50 हजार किसान गाजियाबाद के हिंडन घाट पर डेरा डाले हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि की सोमवार देर शाम केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात होनी थी, लेकिन नहीं हुई। इसके बाद गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर केंद्र के प्रतिनिधि के तौर पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई गई, लेकिन एक घंटे तक चली बातचीत बेनतीजा रही।। देर रात 12.30 बजे प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के आवास पर पहुंचा, रात 2 बजे तक वहां भी कोई सहमति नहीं बनी।