क्यों 20 साल पुराने मुद्दे से कट रहीं किरण बेदी
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किरण बेदी के बीजेपी में शामिल होने के बाद आम आदमी पार्टी उन्हें निशाने पर ले लिया है। शनिवार को पार्टी प्रवक्ता योगेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके किरण बेदी के एक इंटरव्यू को आधार बनाकर पूछा कि वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा क्यों नहीं देना चाहतीं, जबकि यह बीजेपी का 20 साल पुराना मुद्दा है।
पिछले चुनाव में भी पार्टी ने इसे घोषणापत्र में शामिल किया था। योगेंद्र से जब पूछा गया कि क्या वह किरण बेदी के आने से कमजोर हुए हैं तो उन्होंने कहा कि हम डरे नहीं हैं।
योगेंद्र यादव ने कहा कि हम किरण बेदी का सम्मान करते हैं। हम शुरू से चाहते थे कि वह राजनीति में आएं। उन्हें मनाने की भी लंबी कोशिश हुई, लेकिन उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया था।
'अब सवाल पूछेंगे'
अब वह राजनीति में हैं तो उनसे सवाल पूछे जाएंगे। हम उनका सम्मान करते हैं, इसलिए व्यक्तिगत हमला नहीं होगा। हम उनसे मुद्दों पर सवाल पूछेंगे।
बिजली, पानी, भ्रष्टाचार, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा और राजनीतिक दलों में आरटीआई जैसे मुद्दे पर आंदोलन के दौरान वह हमारे साथ थीं। अब उनका इस पर क्या कहना है।
ऑटो पर लगे पोस्टर पर अब क्या आप केजरीवाल के खिलाफ किरण बेदी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में रखेगी। इस पर आप नेताओं ने कहा कि पहले बीजेपी अपना मुख्यमंत्री का उम्मीदवार तो तय करे।
'बीजेपी हताश और निराश है'
फिर देखेंगे हमें क्या करना है। सोशल मीडिया पर आप नेताओं के हमले पर उन्होंने कहा कि वहां वही चीजें आ रही हैं, जो कि पूर्व में उन्होंने कहा है।
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी हताश और निराश है। 10 जनवरी की फ्लॉप रैली के बाद किरण बेदी को पार्टी में लाया गया है।
हम जानना चाहते हैं कि जब पार्टी मोदी के गुणगान सभी राज्यों में गा रही थी तो दिल्ली में किरण बेदी को लाने की जरूरत क्यों पड़ी।
एमएसजी के बहाने बीजेपी पर हमला
आप नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार एक बार फिर एक स्वायत्त संस्था फिल्म्स सेंसर बोर्ड को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
एक फिल्म पर बोर्ड सदस्यों की आपत्ति के बाद भी उसे नियमों को ताख पर रखकर रातों रात रिलीज की मंजूरी दे दी गई।
उन्होंने कहा कि अगर किसी को मंजूरी देनी है तो उसे नियम व कानून को ध्यान में रखते हुए संस्था के सदस्यों के विचारों का सम्मान करते हुए एक प्रक्रिया के तहत यह करना चाहिए था।