'खालिद ने कॉल और मैसेज से बाहरी छात्रों को बुलाया था'
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पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि उमर खालिद ने ही जामिया इस्लामिया के छात्र व अन्य युवकों को कार्यक्रम में फोन व एसएमएस करके बुलाया था।
उधर, दक्षिण जिला पुलिस इस तैयारी में लगी हुई है कि देशद्रोह में बंद कन्हैया को जमानत न मिल सके। मालूम हो कि, दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी यह कह चुके हैं कि अगर कन्हैया जमानत के लिए आवेदन करता है तो पुलिस विरोध नहीं करेगी।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगर कन्हैया कुमार की आसानी से जमानत हो जाती है तो दक्षिण जिला पुलिस पर कई सवाल पैदा हो जाएंगे। उसकी विश्वसनीयता पर भी फर्क पड़ेगा। पुलिस के पास कन्हैया के खिलाफ काफी सबूत हैं। ऐसे में पुलिस उसकी जमानत का पुरजोर विरोध करेगी।
इस संबंध में पुलिस एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से सलाह व परामर्श ले रही है। कन्हैया की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी है।
जामिया के छात्र को दिया था कैंपस आने का न्योता
पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई है कि जेएनयू में नौ फरवरी को आयोजित हुए कार्यक्रम में उमर खालिद ने ही जामिया इस्लामिया के छात्रों को फोन व एसएमएस करके बुलाया था।
पुलिस ने जब उमर की मोबाइल डिटेल को खंगाला तो पता लगा कि उसने जामिया के छात्र कामरान को नौ फरवरी को कार्यक्रम में जेएनयू आने का न्योता दिया था।
पुलिस ने रविवार को जब कामरान से पूछताछ की तो उसने भी उमर खालिद द्वारा मैसेज कर कार्यक्रम में आने की बात कही थी। उमर खालिद ने बिजनौर के पत्रकार सादिक नकवी को एक बार फोन किया था।
दोनों की करीब 48 सेकंड बात हुई थी। उमर ने सादिक नकवी से सलाह ली थी कि वह क्या करे। इस पर सादिक ने उसे पुलिस में सरेंडर करने की बात कही थी।