18 जवानों को मारने वाले आतंकी संगठन का अहम सदस्य दबोचा
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नगालैंड के एक आतंकी को दबोचा है। आरोपी की पहचान नगमसिनलंग पनमई (49) के रूप में हुई है। पनमई एनएससीएन (नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड) खापलांग संगठन का आतंकी है।
पनमई अपने संगठन में सेल्फ स्टाइड (खुद की बनाई हुई सरकार) डिप्टी होम मिनिस्टर, हेल्थ मिनिस्टर और पॉलिटिकल एडवाइजर है। पनमई भारतीय सेना की गुप्त सूचनाएं भी जुटाता था।
पुलिस की मानें तो खापलांग संगठन में यह चेयरमैन के बाद दूसरे नंबर पर आता है। पुलिस ने इसके पास से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और सात सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी की सूचना मणिपुर पुलिस को भी दे दी है।
दिल्ली में छुपकर रह रहा था ये आतंकी
पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि उनकी टीम को मणिपुर पुलिस से सूचना मिली थी कि खापलांग संगठन का मुख्य सदस्य पनमई दिल्ली में छुपकर कहीं रह रहा है।
सूचना मिलने के बाद स्पेशल सेल ने इसकी तलाश के प्रयास शुरू कर दिए। इस बीच सोमवार को पुलिस को खबर मिली कि पनमई अपने किसी साथी से मिलने लोधी रोड स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आने वाला है।
सूचना के बाद पुलिस ने आरोपी को ऑटो से उतरते ही दबोच लिया। आरोपी के पास से फोन, सिम और लैपटॉप बरामद कर लिए। आरोपी ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के महिपालपुर में छुपकर रह रहा था।
कुछ दिन पहले संगठन ने हमले में 18 जवानों की ली थी जान
पनमई के मुताबिक वह और उसका संगठन कॉनट्रैक्टर्स, व्यवसायी, पब्लिक सर्वेंट्स और अन्य लोगों अपना संगठन चलाने के लिए जबरन वसूली करता था।
आरोपी ने खुलासा किया है कि मार्च 2015 में वह म्यांमार एनएससीएन (के) के चेयरमैन एस.एस खापलांग से मिलने गया था। खापलांग यहां तागा इलाके में रहता था।
वहां से आने के बाद इन लोगों ने मणिपुर स्थि चांडेल जिला में सेना के ट्रक को निशाना बनाया था, जिसमें 18 जवानों की जान चली गई थी। हाल के हमलों में इस हमले को सबसे बड़ा हमला माना गया था।
क्या है नेशनालिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड
एनएससीएन (के) नागालैंड और उसके कुछ पड़ोसी राज्यों में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। एनएससीएन (के) का चेयरमैन एस.एस खापलांग है जो फिलहाल म्यांमार में मौजूद है।
संगठन कॉन्ट्रैक्टर्स, व्यवसायी, पब्लिक सर्वेंट्स और अन्य लोगों से जबरन टैक्स के रूप में वसूलते हैं। इस रुपये को अवैध हथियार खरीदने और अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
संगठन ने खुद की सरकार की घोषणा भी कर रखी है। इसे गवर्नमेंट ऑफ पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ नगालैंड (जीपीआरएन) के नाम से जाना जाता है।
कौन है पनमई नाम का आतंकी
जेलूली नामक एनएससीएन (के) के आतंकी ने 1997 में पनमई को संगठन में भर्ती कराया था। शुरुआत में उसे सेना की गुप्ता सूचनाएं इकट्ठा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
1998 में पनमई की मुलाकात म्यांमार में संगठन के मुख्या एस.एस खापलांग से हुई। खापलांग उससे काफी प्रभावित हुआ। उसने संगठन के लिए फंड और नौजवानों को मोटिवेट करने की जिम्मेदारी पनमई को दी। 2001 में पनमई को संगठन में कैप्टन, कुछ दिनों बाद मेजर बना दिया। खापलांग पनमई के काम से प्रभावित हुआ।
इसके बाद पनमई को गर्वमेंट ऑफ पीपल्स रिपब्लिक ऑफ नगालैंड (जीपीआरएन) (खुद की घोषित की हुई सरकार) में डिप्टी होम मिनिस्टर बना दिया। बाद में वह हेल्थ मिनिस्टर और पॉलिटिकल एडवाइजर बन गया।