केजरीवाल आज जनता को देंगे 100 दिन का हिसाब
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आम आदमी पार्टी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर कैबिनेट जनता को हिसाब-किताब देगी। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में मुख्यमंत्री केजरीवाल सरकार की राय रखेंगे जबकि मंत्री अपने-अपने विभाग से संबंधित उपलब्धियां जनता को बताएंगे।
इस बीच कोशिश होगी कि केन्द्र सरकार की अधिसूचना का मामला और पूर्ण राज्य का दर्जा न मिलने से परेशानी का मुद्दा भी जनता के बीच रखा जाए। कार्यक्रम में पूरी दिल्ली आमंत्रित है। इससे शाम को कनॉट प्लेस से जुड़ी सड़कों पर जाम की स्थिति बन सकती है।
सरकार से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि सभी मंत्रियों ने उपलब्धियों की फेहरिस्त तैयार की है। हर मंत्री पांच-दस मनट अपनी बात रखेंगे। इस दौरान केंद्र सरकार की चुनी गई सरकार विरोधी अधिसूचना पर संवाद की कोशिश होगी।
विवाद से बचने के लिए जिम्मा सौंपा था एनडीएमसी को
एनडीएमसी अधिकारियों के अनुसार, वीवीआईपी और वीआईपी की एंट्री गेट नंबर-आठ से होगी। गेट नंबर दो और सात से जनरल पब्लिक की एंट्री होगी। नंबर 5 आपात गेट के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
चूंकि सामान्य नागरिकों के अलावा कुछ वीआईपी भी मेट्रो से आ सकते हैं इसलिए सिर्फ 100 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था एनडीएमसी की बी ब्लॉक की अधिकृत पार्किंग में होगी।
दिल्ली कैबिनेट बैठक या मुख्यमंत्री के बड़े कार्यक्रमों के आयोजन की जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की होती है। जीएडी के प्रधान सचिव पद पर उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर अरविंद रे की नियुक्ति है जबकि उपराज्यपाल के आदेश से इस आदेश को रद्द माना जाए तो जीएडी के प्रधान सचिव अनिंदो मजूमदार हैं। इस विवाद से बचने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने कार्यक्रम का जिम्मा एनडीएमसी को सौंपा है।
सेंट्रल पार्क में बैठक को लेकर हुआ टकराव टला
सेंट्रल पार्क में कैबिनेट बैठक को लेकर भी दिल्ली सरकार व पुलिस के बीच ठनते-ठनते रह गई। दिल्ली सरकार ने कार्यक्रम करवाने की जिम्मेदारी एनडीएमसी को सौंप दी।
एनडीएमसी ने पुलिस को कार्यक्रम की सूचना देकर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की तो पुलिस ने आमंत्रित वीवीआईपी और वीआईपी, आने वाले व्यक्तियों की संख्या, पार्किंग की व्यवस्था, मीडिया कर्मियों की संख्या समेत तमाम जानकारी मांगी थी।
यह भी कहा गया कि आयोजक दिल्ली सरकार है तो वहां से अनुमति मांगी जानी चाहिए। पुलिस ने कहा कि एनडीएमसी का इस कार्यक्रम से कोई लेना देना नहीं है।
उधर, एनडीएमसी का कहना है कि सरकारी कामकाज के लिए पुलिस की मंजूरी की जरूरत नहीं होती बल्कि पुलिस को सुरक्षा व यातायात का प्रबंध करने के लिए सूचना दी जाती है। इस मुद्दे पर टकराव होता देख क्षेत्रीय डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की तरफ से पुलिस को पत्र भेज दिया गया। पुलिस ने भी रविवार शाम को अनुमति दे दी।