फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Kejriwal wants fund to Modi according to population

मोदी को केजरीवाल ने दिया संविधान का हवाला, आबादी के हिसाब से मांगा अनुदान

Fri, 27 May 2016 04:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 27 May 2016 04:18 AM IST
विज्ञापन
Kejriwal wants fund to Modi according to population

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली नगर निगम के लिए 4087 करोड़ रुपये का अनुदान 2015-2020 के हिस्से का मांगा है। केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को लिखे गए पत्र में कहा है कि संविधान के प्रावधान, 2011 की आबादी के हिसाब से स्थानीय निकाय के लिए ये राशि दें।

विज्ञापन


दिल्ली में भी चुनी गई सरकार है और यहां भी अन्य राज्यों की तरह स्थानीय निकाय की वित्तीय हालत खराब है। मुख्यमंत्री ने लिखा है 14वें वित्त आयोग ने स्थानीय निकायों के लिए 2015-2020 तक केलिए 2.87 लाख करोड़ रुपये के अनुदान का प्रावधान किया है।
विज्ञापन


लेकिन उसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और अन्य केन्द्र शासित राज्यों को बाहर रखा गया है। यह बिल्कुल गलत है। संविधान के अनुच्छेद 280 में प्रावधान है कि केन्द्र शासित राज्यों के लिए भी अनुदान दिए जाएं। इससे फंड बढ़ता है लेकिन वित्त आयोग के नियम और संदर्भ में ही प्रावधान नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केजरीवाल ने लिखा है, केन्द्रीय वित्त आयोगों ने संवैधानिक शब्दों को शब्दश: अपनाया है। दिल्ली में चुनी गई सरकार है और स्थानीय निकाय का प्रावधान 1992 के संविधान संशोधन में भी है लेकिन यहां अनदेखी की गई है।


केन्द्रीय वित्त आयोग ने जो अनुदान का प्रावधान किया है, उसके हिसाब से प्रति व्यक्ति 488 रुपये वार्षिक बनते हैं। राजधानी की 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी 1.675 करोड़ है। उस हिसाब से 4087 करोड़ दिए जाएं। साथ ही भविष्य में केन्द्रीय वित्त आयेग की सिफारिशों वाले शर्तों में दिल्ली व केन्द्र शासित राज्यों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed