पीएम मोदी से बोले सीएम केजरीवाल- दे दिया सुरक्षा का भरोसा, अब तो खत्म करवाएं हड़ताल
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने धरने के आठवें दिन पीएम पर तंज कसते हुए एक ट्वीट किया है। केजरीवाल ने आईएएस अधिकारियों को सुरक्षा देने वाली अपनी चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी अब तो इन आईएएस अधिकारियों की हड़ताल खत्म करवा दीजिए और दिल्ली सरकार को प्लीज काम करने दीजिए।
केजरीलाल ने ट्वीट किया मैं माननीय प्रधानमंत्री से आग्रह करूंगा कि वह आईएएस अधिकारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए ग्रीन सिग्नल दे दें। गौरतलब है कि रविवार को आईएएस अधिकारियों का एसोसिएशन सामने आया था और कहा था कि वो लोग हड़ताल पर नहीं हैं। वह सिर्फ मंत्रियों की बैठकों में नहीं जा रहे क्योंकि उन्हें डर है कि जो मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुआ वो उनके साथ भी न हो।
इसके बाद केजरीवाल ने एक चिट्ठी जारी कर अधिकारियों को भरोसा दिलाया था कि वो अपने उपलब्ध संसाधनों के अंदर अधिकारियों को हर तरह की सुरक्षा देंगे। इसी के बाद आज केजरीवाल ने पीएम पर तंज करते हुए ट्वीट किया जिसका आशय था कि अब तो सुरक्षा का वादा मैंने कर दिया अब पीएम सर आप हड़ताल खत्म करवाओ।
I wud urge Hon’ble PM to give green signal to them to end it now https://t.co/PaUEZgOHaO
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 18, 2018
आईएएस अधिकारी का आरोप- मेरे ऊपर हो रहे निजी हमले
सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं : सक्सेना
केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल के बीच चल विवाद में आईएएस एसोसिएशन ने भी अपनी सफाई दी है। कहा कि सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। कोई भी अधिकारी हड़ताल पर नहीं हैं। वह पहले की तरह अपना काम कर रहे हैं। आईएएस एसोसिएशन की मनीषा सक्सेना ने बताया कि सिग्नेचर ब्रिज के मुआयने के दौरान प्रधान वित्त सचिव रेणु शर्मा मौके पर मौजूद थीं। पीडब्ल्यूडी सचिव की तबीयत ठीक नहीं थी, जबकि पर्यटन विभाग की सचिव छुट्टी पर थी। पर बाकी सभी अधिकारी वहां थे।
जहां तक पाली क्लीनिक और मोहल्ला क्लीनिक का सवाल है तो उसका काम भी नहीं रुका है। सभी 11 जिलों के दफ्तर में भी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं।दूसरी तरफ, एसोसिएशन के जय देव सारंगी ने बताया कि राशन की डोर स्टेप डिलीवरी की फाइल 30 मार्च से मंत्री की टेबल पर है। इसका अधिकारियों से कोई संबंध नहीं है। बगैर मंत्री के फाइल बढ़ाए इस पर काम संभव नहीं है।
मेरे ऊपर हो रहे निजी हमले: वर्षा जोशी
परिवहन विभाग की सचिव वर्षा जोशी ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर निजी हमले हो रहे हैं। उनका सिर फोड़ने तक की धमकी दी गई। इससे उनके निजी उत्साह को खत्म करने की कोशिश चल रही है। जोशी के मुताबिक, कहा जा रहा है कि मंत्री का फोन नहीं उठाया और उसकी वजह से बस खरीद मामले में कोर्ट में एफिडेविट नहीं गया। उन्होंने बताया कि यह सरकारी आदेश है उसे पब्लिक डोमेन में लाना गलत है।
30 अप्रैल को मेल आया और एक मई को एफिडेविट फाइल करना है। सुबह 11 बजे मेसेंजर फाइल लेकर मंत्री के यहां गया। साढ़े 11 बजे से रात 8 बजे तक मंत्री के यहां फाइल रिसीव नहीं की गई। अगले दिन मुझे खुद कोर्ट जाना पड़ा। जबकि मंत्री के पास व्हाट्स अप मेसेज गया है। उसका भी कोई जवाब नहीं मिला। वर्षा जोशी ने अपील की कि अगर कोई सियासी फायदा लेना हो तो अधिकारियों को इस्तेमाल नहीं करे। नौकरशाही पूूरे सिस्टम का हिस्सा है, जो कभी फ्रंट पर आकर काम नहीं करती। अधिकारियों को राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
सातवें दिन केजरीवाल ने बढ़ाया सुलह का हाथ
राजनिवास मे धरने के सातवें दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहली बार अधिकारियों से सुलह के लिये हाथ बढ़ाया है। आईएएस एसोसिएशन के मीडिया में आने के बाद मुख्यमंत्री ने एक लेटर जारी किया है।
इसमें केजरीवाल ने अधिकारियों को सुरक्षा देने का भरोसा दिया है। साथ ही अधिकारियों से काम पर लौटने की अपील भी की है। मुख्यमंत्री की अपील के बाद माना जा रहा है कि उपराज्यपाल के साथ चल रहा टकराव खत्म हो सकता है।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया में जारी अपने पत्र में लिखा है कि रविवार को आईएएस एसोसिएशन ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। केजरीवाल ने भरोसा दिलाया है कि वह अपनी पूरी ताकत व संसाधन के साथ अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया करायेंगे। उन्होंने इसे अपना कर्तव्य बताया है। हालांकि, उन्होंने कहा है कि इस तरह का भरोसा उन्होंने पहले भी अधिकारियों की निजी मुलाकातों में दे रखा है।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, अधिकारी उनकी परिवार का हिस्सा हैं। उनसे गुजारिश है कि वह चुनी हुयी सरकार के मंत्रियों की बैठकों का बहिष्कार बंद करें। मंत्रियों के फोन व मैसेज का जवाब दें। उनके साथ वह दौरों में शामिल हों। उन्हें बगैर किसी डर या भय के काम करना चाहिये। वह न तो राज्य सरकार के दबाव में आयें और न ही केंद्र या किसी राजनीतिक पार्टी के।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से एक बार फिर सुलह-समझौते की कोशिश है। अधिकारियों की प्रेस कांफ्रेस में बुनियादी मांग सुरक्षा की थी। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने खुलकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
ऐसे में अब उपराज्यपाल को पूरे मामले में दखल देना चाहिये। मुख्यमंत्री के हाथ बढ़ाने के बाद अधिकारी उपराज्यपाल की तरफ से सकारात्मक जवाब आता है तो मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ धरना खत्म कर सकते हैं।