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केजरीवाल की मोदी को चिट्ठी, मिल बैठकर विवाद सुलझाएंगे

Wed, 23 Sep 2015 03:53 AM IST
Updated Wed, 23 Sep 2015 03:53 AM IST
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Kejriwal's letter to Modi, sit and resolve dispute

सुप्रीम कोर्ट कोर्ट की तरफ से दिल्ली और केंद्र सरकार के विवाद पर चिंता जाहिर करने के अगले दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है।

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पत्र में दिल्ली सरकार की तरफ से सहयोग करने का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री से मतभेद भुलाकर जनता के हित में हिसाब में खुले दिमाग और प्राथमिकता के आधार पर समाधान निकालने का आग्रह किया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा है कि मतभेदों का हल निकालने की बातचीत के लिए मैं अतिरिक्त दूरी तय करने को तैयार हूं। मुझे नहीं लगता कि जनता के हित में करने वाली दो सरकारों के लिए ऐसा कोई मुद्दा नहीं, जिसे बातचीत से सुलझाया नहीं जा सके।
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सात महीने के शासन की गिनवाईं दिक्कतें

Kejriwal's letter to Modi, sit and resolve dispute

तो वहीं पिछले सात महीने के शासन की दिक्कतें गिनवाते हुए कहा है कि 23 साल के दिल्ली के लोकतांत्रिक इतिहास में ऐसी स्थिति कभी नहीं आने का जिक्र किया है।


केजरीवाल ने लिखा है कि कोशिश कर रहे हैं कि जनता को दिक्कत न हो। विकास कार्य भी हो रहे हैं। मैं दिक्कतें सुलझाने केलिए तमाम मंत्रियों से मुलाकात की, आपसे मिला और दो बार राष्ट्रपति से भी मिला।

प्रधानमंत्री को तीन पेज के लिखे गए पत्र के शुरुआत में केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार के विवाद को लेकर डाली गई थी।

बातचीत से हल किया जा सकता है मामला

Kejriwal's letter to Modi, sit and resolve dispute

याचिका रद्द करने के साथ सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि दो सरकारों का मामला है। जो बातचीत से हल किया जा सकता है। अगर दोनों सरकार समाधान नहीं निकालती हैं और शासन में दिक्कतें आती है तब जनता सही समय पर सही निर्णय सुनाएगी।


मैं सुप्रीम कोर्ट पीठ की तरफ से व्यक्त भावना से पूरी तरह सहमत हूं। उल्लेखनीय है कि केजरीवाल ने गत दिनों भी उपराज्यपाल कार्यालय से आए मेमोरेंडम के बाद एक पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखकर 2 महीने बाद लड़ाई की बात कही थी।

वहीं, सोमवार को कैबिनेट ने उपराज्यपाल की बात नहीं मानने और केन्द्र सरकार से कई पहलुओं पर राय का फैसला किया था।

पत्र में ये दिक्कतें गिनवाईं

Kejriwal's letter to Modi, sit and resolve dispute

मुख्यमंत्री ने पत्र में उपराज्यपाल को दिल्ली की भलाई के कार्य में बाधा बताया है। उन्होंने कहा है कि उपराज्यपाल ने पिछले छह महीने में चुनी गई सरकार के तमाम आदेश और सर्कुलर को अवैध करार दिए हैं।

चुनी गई सरकार के कई कानूनी और वैध आदेश को नहीं मानने के लिए सीधे अधिकारियों को सीधे विरोधाभाषी आदेश दिए। फिर गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के आदेश को गैरकानूनी करार दिया।

इतना ही नहीं दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग के आधीन काम करने वाली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को एक आदेश के सहारे पुराने नियमों का हवाला देकर उपराज्यपाल की तरफ से कब्जा जमा लिया गया।

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