फिर लगा केजरीवाल का जनता दरबार, सुनी शिकायतें
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एक बार फिर केजरीवाल ने जनता से जुड़ने के लिए जनता दरबार शुरू किया है। हालांकि पिछली सरकार में हुई गलतियों को केजरीवाल दोहराना नहीं चाहते। इसी वजह से इस बार के जनता दरबार का ढंग बदला-बदला दिखाई दिया।
वहीं दूसरी ओर पार्टी ने इस कार्यक्रम को जनता दरबार के तौर पर नहीं माना बल्कि इसे रूटीन साप्ताहिक मीटिंग करार दिया। इस कार्यक्रम में केजरीवाल ने जनता की समस्याएं सुनी और उनके समाधान का आश्वासन दिया।
आप नेता दिलीप पांडे के ट्वीट के मुताबिक केजरीवाल कई सालों से गाजियाबाद में साप्ताहिक मीटिंग करते रहे हैं, और ये कार्यक्रम भी उसी तरह की एक मीटिंग है। वहीं केजरीवाल के जनता दरबार को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। ये पहला मौका था जब केजरीवाल सीएम बनने के बाद कौशांबी में लोगों से सीधे मिले।
केजरीवाल ने नहीं दोहराई गलती
आपको बता दें कि पिछली बार भी आप सरकार में केजरीवाल ने लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार लगाया था। इस कार्यक्रम में भीड़ बेकाबू हो गई थी, जिस वजह से केजरीवाल सरकार को इस तरह के कार्यक्रम को बंद करना पड़ा।
पिछली सरकार के जनता दरबार में भीड़ के बेकाबू होने के बाद केजरीवाल को विपक्षी दलों की आलोचनाओं का भी शिकार होना पड़ा था। लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि जो नेता भीड़ नहीं संभाल सकता वो दिल्ली कैसे संभालेगा।