Delhi: केजरीवाल सरकार का फैसला, दिल्ली में निर्माण कार्यस्थल पर होगी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि डॉक्टर ऑन व्हील योजना के तहत हर जिले में स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर लगाने के साथ-साथ हर जिले में मोबाइल वैन विभिन्न निर्माण स्थल पर जाकर श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
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केजरीवाल सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक फैसला किया है। निर्माण कार्य स्थलों पर श्रमिकों का स्वास्थ्य चेक-अप किया जाएगा। इसके अलावा उनके बच्चों के लिए मोबाइल क्रेच की सुविधा शुरू होगी। सरकार ने डॉक्टर ऑन व्हील योजना के तहत श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच कराने का कदम उठाया है। दिल्ली कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड की बैठक में सोमवार को यह निर्णय लिया गया।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि डॉक्टर ऑन व्हील योजना के तहत हर जिले में स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर लगाने के साथ-साथ हर जिले में मोबाइल वैन विभिन्न निर्माण स्थल पर जाकर श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इसके अलावा सरकार अपनी एक और महत्वपूर्ण योजना के तहत निर्माण स्थलों पर विभिन्न आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल क्रेच की शुरुआत करेगी। इस सुविधा से श्रमिकों के बच्चों को बेहतरीन डे-केयर मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार निर्माण श्रमिकों के हितों का पूरा ध्यान रख रही है। कोरोना और प्रदूषण के दौरान थमे निर्माण कार्यों के बावजूद श्रमिकों की 600 करोड़ से अधिक की सहायता राशि देकर आर्थिक मदद की। श्रमिकों के लिए केजरीवाल सरकार 17 वेलफेयर योजनाएं चला रही है। पिछले साल इन योजनाओं के तहत श्रमिकों को 13 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार से मिलने वाली सुविधाओं की श्रमिकों के पास आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड अपनी वेबसाईट को अपग्रेड कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में यह योजना तीन निर्माण स्थलों पर 200 श्रमिकों के साथ पायलट फेज में चलाई जा रही है। इस दिशा में अच्छे नतीजे देखने को मिल रहे हैं। पायलट फेज के अनुभवों के आधार पर इस योजना के दायरे को बढ़ाते हुए पीडब्ल्यूडी, डीडीए, डीएमआरसी आदि के निर्माण स्थलों पर दो लाख श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।