दिल्ली हिंसा: केजरीवाल सरकार ने जान गंवाने वाले आईबी कर्मी अंकित शर्मा के भाई को दी शिक्षा विभाग में नौकरी
आईबी कर्मी अंकित शर्मा की दिल्ली हिंसा के दौरान बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, उनका शव नाले में मिला था।
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उत्तर पूर्वी दिल्ली में साल 2020 में हुई हिंसा में जान गंवाने वाले आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा को गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकारी नौकरी का सर्टिफिकेट सौंपा। अंकुर को दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में नौकरी दी गई है।
अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन आरोपी हैं। इस वक्त ताहिर हुसैन दिल्ली दंगा और अंकित की हत्या मामले में जेल में हैं।
केजरीवाल ने ट्वीट कर दी नौकरी की जानकारी
अंकुर शर्मा को नौकरी का सर्टिफिकेट सौंपने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा, 'इंसान की कमी को तो कभी पूरा नहीं किया जा सकता लेकिन इस सरकारी नौकरी एवं 1 करोड़ की सहायता राशि से परिवार को बल मिलेगा, भविष्य में भी परिवार की हर सम्भव मदद करेंगे।'
खौफनाक है अंकित शर्मा की हत्या की कहानी
मालूम हो कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान पुलिस ने 26 फरवरी को चांद बाग इलाके के नाले से अंकित शर्मा का शव बरामद किया था। उनके पिता रविंद्र कुमार ने ताहिर हुसैन पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था।
जांच पड़ताल के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने अंकित शर्मा की हत्या के बारे में दर्दनाक खुलासा किया था। एक आरोपी ने बताया था कि अंकित शर्मा को मारने से पहले उनके सभी कपड़े उतार दिए गए थे। इसके बाद उन्हें चाकू से गोदा गया था। आरोपी करीब आधे घंटे तक अंकित शर्मा को चाकू से गोदते रहे और लाठी-डंडों से वार करते रहे थे। बाद में उनके शव को नाले में फेंक दिया गया था।
क्या कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट
रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया है कि अंकित के शरीर पर चोटों के कुल 51 निशान पाए गए थे। इनमें से 18 चाकू से वार के थे। वहीं, शरीर के बाकी हिस्सों पर किसी भारी वस्तु से प्रहार करने के 33 निशान मिले थे। इससे पूर्व शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दावा किया गया था उपद्रवियों ने अंकित को 400 से अधिक जगह चाकू मारे हैं। रिपोर्ट में चोटों की वजह से सदमे से मौत का कारण बताया गया है। हमले के दौरान अंकित के फेफड़ों और मस्तिष्क में खून का रिसाव होने से अंकित की मौत हो गई।