सिद्धू के आप में शामिल होने या न होने पर केजरीवाल ने तोड़ी चुप्पी
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क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्घू के आम आदमी पार्टी में जाने की खबरों पर कल जैसे ही विराम लगता दिखा खुद सीएम अरविंद केजरीवाल को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। केजरीवाल को ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि सिद्धू की कांग्रेस में जाने की खबरे जोर पकड़ने लगी थीं।
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने अपनी सफाई देते हुए ट्विटर पर लिखा कि 'नवजोत सिंह सिद्धू के 'आप' में शामिल होने को लेकर काफी अफवाहें चल रही हैं। इसलिए यह मेरा कर्तव्य है कि हम अपनी बात सामने रखें। इस क्रिकेट लीजेंड के लिए हमारे मन में बहुत सम्मान है।'
Wud Navjot Sidhu ji join AAP- lot of rumours? Its my duty to put forward our side. We have greatest greatest regard for this ckt legend(1/3)
विज्ञापन विज्ञापन— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 19, 2016
केजरीवाल ने अगले ट्वीट में लिखा कि 'वह पिछले हफ्ते मुझसे मिले थे, लेकिन उन्होंने शर्त जैसी कोई बात नहीं रखी। उन्हें सोचने के लिए थोड़ा समय चाहिए। हमें उनकी भावनाओं को सम्मान देना चाहिए।' उन्होंने आगे ट्वीट में कहा, 'वह एक अच्छे इंसान और क्रिकेट लीजेंड हैं। वो पार्टी में आएं या न आएं, उनके प्रति मेरा सम्मान बना रहेगा।'
He met me last week. Didn't put any pre-condition. He needs time to think. Lets respect that(2/3)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 19, 2016
He is a v gud human being n a ckt legend. My respect for him wud continue whether he joins or not(3/3)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 19, 2016
कांग्रेस ने भी उनके लिए बातचीत के दरवाजे खोल दिए हैं
गौरतलब है कि 'आप' से बात खटाई में पड़ते देख कांग्रेस ने भी उनके लिए बातचीत के दरवाजे खोल दिए हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूर्व बीजेपी सांसद सिद्धू को 'आप' में जुड़ने से जो कुछ मिलता, वह उन्हें उससे ज्यादा देने को तैयार है।
खबरें तो यह भी हैं कि सिद्धू ने आम आदमी पार्टी से सीएम पद की मांग की तो बात खटाई में पड़ी। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सिद्धू को भावी मुख्यमंत्री तो नहीं, लेकिन दो-तीन साल बाद उपमुख्यमंत्री बनाने में पार्टी को कोई आपत्ति नहीं।
कांग्रेस सिद्धू या उनकी पत्नी को अमृतसर की लोकसभा सीट भी दे सकती है। सिद्धू इसी सीट से बीजेपी के सांसद हुआ करते थे, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट, अरुण जेटली को यहां से खड़ा किया और इसी को लेकर सिद्धू की पार्टी से तल्खी पैदा हुई, हालांकि जेटली को कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरा दिया था। अमरिंदर अब राज्य कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार हैं, तो ऐसे में चुनाव जीतने पर उन्हें यह सीट छोड़नी होगी।