पार्टी में चल रहे घमासान पर केजरीवाल ने तोड़ी चुप्पी
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आम आदमी पार्टी के अंदर योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को लेकर चल रही घमासान पर चुप्पी तोड़ते हुए आज पहली बार आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है।
अपने इस ट्वीट में केजरीवाल ने कहा है कि पार्टी में चल रही मौजूदा स्थिति से वह बहुत ज्यादा आहत हुए हैं। उन्होंने कहा है कि यह पूरा विवाद दिल्ली की जनता से विश्वासघात है जिन्होंने हम पर इतना भरोसा किया।
केजरीवाल ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि 'मैं इस बुरी लडाई में नहीं पड़ूंगा। मैं केवल दिल्ली के प्रशासन पर अपना ध्यान केंद्रित करूंगा। जनता के भरोसे को किसी भी हालत में टूटने नहीं दूंगा।'
वर्चस्व की जंग में उलझी है पार्टी
बता दें कि आम आदमी पार्टी में इन दिनों वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इसमें पार्टी का एक खेमा इस पक्ष में है कि केजरीवाल को पार्टी के संयोजक पद से हटा दिया जाए तो दूसरा खेमा चाहता है कि पार्टी का प्रमुख चेहरा होने के कारण केजरीवाल ही पार्टी के संयोजक बने रहें।
इस पूरे मुद्दे ने 26 फरवरी को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से जन्म लिया। इस बैठक में केजरीवाल ने पार्टी के संयोजक पद से अपना इस्तीफा भेजा था जिसे कार्यकारिणी ने अस्वीकार कर दिया।
वहीं इसी बैठक में योगेंद्र यादव द्वारा दिल्ली के बाहर पार्टी के विस्तार की कोशिशों के कारण उन्हें पीएसी से बाहर किए जाने की बातें भी सामने आईं। पार्टी का मानना है कि यादव केजरीवाल की मर्जी से अलग दिल्ली से बाहर भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
वहीं इसी बैठक में प्रशांत भूषण ने भी पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर चिट्ठी लिख दी जो लीक हो गई। इन्हीं सब कारणों से पार्टी के अंदर विवाद इतना बढ़ गया कि यादव और भूषण को पीएसी से बाहर किए जाने की बातें होने लगी हैं। कहा जा रहा है कि 4 मार्च को दोनों नेताओं के पार्टी में भविष्य का फैसला हो जाएगा।
'अब AAP को पता चलेगा क्या होती है राजनीतिक पार्टी'
आप में अंदर चल रही कलह को लेकर न केवल उसके नेता बल्कि विपक्ष भी बोलने लगी है। भाजपा के जीवीएल नरसिंहा राव ने कहा आशा जताई है कि आप के अंतः कलह से दिल्ली के प्रशासन में कोई प्रभाव न पड़े।
वहीं शिवसेना के संजय रावत ने कहा कि अब आप को समझ में आएगा कि एक राजनीतिक पार्टी क्या होती है और उन्हें किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वहीं भाजपा के सांसद मनोज तिवारी बोले कि आप की लड़ाई से ये जाहिर होता है कि आप में पारदर्शिता की कमी है, लेकिन बीजेपी में सब कुछ साफ-साफ देखा जा सकता है।
भाजपा के ही जगदंबिका पाल ने आप को पार्टी नहीं गिरोह बताया है, जिसमें सफलता के बाद माल बंटवारे को लेकर कलह शुरू हो गया है।
शाजिया इल्मी ने कहा कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने पूरी जिम्मेदारी से काम किया है। पार्टी में नए सदस्यों को अरविंद केजरीवाल को बचाने के लिए लाया गया है।
शांतिभूषण ने लिया यू-टर्न
आप के संस्थापक सदस्यों में से एक शांति भूषण जिन्होंने कहा था कि केजरीवाल को आप के संयोजक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हीं शांति भूषण ने आज कहा कि केजरीवाल को आप के संयोजक पद पर बने रहना चाहिए और योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को उनकी सहायता करनी चाहिए।
वहीं प्रशांत भूषण ने जानकारी दी है कि 4 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में व्यस्तता के चलते वह शामिल नहीं हो पाएंगे। इस समय वह उत्तरांचल के पालम में हैं।
आप में चल रही उठापटक पर पार्टी की पंजाब यूनिट के नेता एचएस फूल्का ने बताया कि योगेंद्र यादव पंजाब में चुनाव के लिए प्रचार अभियान चला रहे थे। सभी पार्टी कार्यकर्ता फूल्का के खिलाफ काम कर रहे थे।
चूंकि पार्टी को नुकसान हो सकता था इसलिए फूल्का ने पहले कुछ नहीं बोला। फूल्का ने बताया कि वह पार्टी से निकल जाना चाहते थे लेकिन अरविंद ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया और थोड़ा समय भी मांगा।
आप का चल रहा सबसे बुरा दौर
आम आदमी पार्टी जो इस समय अपने ढाई साल के इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है उसके नेता आशुतोष ने प्रशांत भूषण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रशांत पार्टी के एक सम्मानित सदस्य हैं लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें सार्वजनिक तौर पर ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
आशुतोष ने प्रशांत से नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशांत अपनी शिकायत राष्ट्रीय कार्यकारिणी की कल होने वाली बैठक में कर सकते थे या फिर अपनी राय पार्टी फोरम में दे सकते थे।
वहीं पार्टी की विधायक अल्का लांबा ने कहा कि पार्टी में कोई हाई कमांड कल्चर नहीं है। आप में सभी नेताओं की जिम्मेदारियां और दर्जा एक समान है।
बीजेपी की नेता व पूर्व आईपीएस किरण बेदी ने आप के कलह पर कहा कि जो कुछ भी हो रहा है उससे मुझे कोई आश्चर्य नहीं है। मुद्दा तो ये है कि ये सब कैसे और किस तरह से हुआ। बेदी आगे बोलीं कि आप में जो हो रहा है वह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह केवल समय की बात है वरना ये मतभेद आप में हमेशा से थे।