केजरीवाल के गले की फांस बन सकते हैं कांग्रेस से आए सुशील गुप्ता, इनसे कोई नहीं खुश
- पिछले विधान सभा चुनाव में सुशील गुप्ता ने कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था चुनाव
-राज्यसभा चुनाव: तीन दावेदारों में से दो से आप विधायक भी ज्यादा खुश नहीं
- केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार को आरोप लगाते हुए चलाई थी मुहिम
-सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं की भी दोनों नाम पर चुप्पी
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विस्तार
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिल्ली वापस लौटने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई थीं। दिल्ली से राज्य सभा के दावेदारों के नाम तय करने के लिए बुधवार को राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक संपन्न हो गई।
वहीं, पीएसी से पहले केजरीवाल ने विधायकों से भी मुलाकात की। उधर सूत्र बताते हैं कि जिन तीन नामों को पार्टी मुहर लगाने जा रही है, उनमें से एक आप के गले की फांस बन सकता है। दरअसल, वरिष्ठ नेता संजय सिंह, पूर्व कांग्रेसी नेता सुशील गुप्ता व चार्टर्ड अकाउंटेंट एनडी गुप्ता का नाम तय किया गया है।
संजय सिंह के नाम पर पार्टी के अंदर व बाहर कहीं से भी कोई विरोध नहीं है। सूत्रों की मानें तो बाकी दो नामों पर पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर आप विधायक तक भी ज्यादा खुश नहीं है। खासतौर पर सुशील गुप्ता, जिन्होंने कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस पार्टी छोड़ी थी।
केवल संजय सिंह को दी गई बधाई
दिलचस्प यह कि मीडिया में तीनों नाम आने के बाद के बाद सोशल मीडिया पर मुखर आप कार्यकर्ताओं ने सिर्फ संजय सिंह को ही बधाई दी है। सोशल मीडिया पर सुशील गुप्ता के खिलाफ मुहिम भी शुरू हो गई है।
इनके नाम से छपे उन पोस्टरों को शेयर किया जा रहा है, जिसमें बीते विधान सभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाया था। दूसरी तरफ अनौपचारिक बातचीत में कई आप विधायक भी संजय सिंह के अलावा दूसरे नामों से खुश नहीं हैं।
हालांकि, वह इस मसले में कुछ भी कहने से बचते रहे। वहीं, कुछ विधायकों को अभी भी पीएसी की बैठक में चमत्कार होने की उम्मीद है। जबकि एक वरिष्ठ नेता एनडी गुप्ता का नाम लेते ही इनकी पहचान से जुड़ा सवाल कर बैठे। एनडी गुप्ता के बारे में बताने पर उन्होंने अजीब सा चेहरा बनाया और चुप्पी साध ली।
हार्दिक पटेल का कुमार विश्वास को समर्थन
सुशील गुप्ता के नाम से वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास को पार्टी पर यह आरोप लगाने का एक मौका और मिल सकता है कि इस मामले में आम कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। पिछले हफ्ते कई कार्यकर्ताओं ने कुमार के समर्थन में पार्टी दफ्तर पर प्रदर्शन भी किया था। लेकिन बाद में वह कुमार की अपील के बाद वापस लौट गये थे।
अब सुशील गुप्ता जैसे बाहरी नेताओं को टिकट मिलने से वह अपनी आवाज फिर से बुलंद करेंगे। सियायी घमासान के बीच पहले ही राज्य सभा जाने की इच्छा जता चुके कुमार विश्वास की चुप्पी रहस्यमयी है।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि नामों का औपचारिक एलान होने के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया क्या होती है। खासतौर से तब, जब एक पूर्व कांग्रेसी को पार्टी राज्य सभा भेजने जा रही है, जिसके खिलाफ बीते चुनाव में आप कार्यकर्ता सियासी जंग लड़ चुके हैं।
संजय सिंह के नामांकन पर यूपी वालों को बुलावा
बेशक अभी पीएसी में नाम तय होने का हवाला देते हुए पार्टी दावेदारों के नाम का खुलासा नहीं कर रही है, लेकिन संजय सिंह के नामांकन को ऐतिहासिक बनाने के लिए यूपी वालों को चार फरवरी को दिल्ली पहुंचने का बुलावा भेजा जा रहा है।
यूपी के एक जिला संयोजक ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि संजय सिंह बृहस्पतिवार को राज्य सभा का नामांकन करेंगे। यूपी के साथी इस मौके को ऐतिहासिक बनाने के लिए सुबह 10 बजे दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय पर पहुंचे।