'सीएम केजरीवाल का दोहरा चरित्र आया सामने'
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल को विपक्ष की सोच से बाहर आना होगा और विरोध की राजनीति छोड़ते हुए महत्वाकांक्षाओं को अलग रखकर अपनी सोच बदलकर दिल्ली के विकास के लिए कार्य करना चाहिए।
आरटीआई का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा की हेल्प लाइन 1031 पर कुल 282 कॉल आईं, जिसमें से सिर्फ 7 केस दर्ज हुए। जबकि सरकार ने दावा किया था कि उनके पास 1 लाख 25 हजार कॉल आईं और 35 अफसर गिरफ्तार किए गए।
152 को अफसरों को बर्खास्त किया। इससे साबित होता है कि केजरीवाल की सरकार झूठ बोलने में माहिर है। केजरीवाल से पब्लिक डोमेन में 16 पेज के कैबिनेट नोट पर उसकी असली मंशा क्या है, पूछना चाहता हूं।
'जनता का पैसा बर्बाद किया'
जिसमें कुल 23 करोड़ रुपये के बजट में से 20 लाख अति अत्याधुनिक औजार खरीदने के लिए निर्धारित किए गए हैं। जिन अधिकारियों की नियुक्ति बिना पारदर्शिता के हुई वे इसे राजनीतिक व अन्य निर्दोष लोगों के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस प्रकार का फंड उन अधिकारियों को इस्तेमाल के लिए दिया जाना चाहिए जिनकी नियुक्ति पूर्ण पारदर्शी प्रक्रिया व प्रोटोकॉल के तहत हुई हो। केजरीवाल विकास से जनता का ध्यान हटाना चाह रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर जनता का पैसा बर्बाद किया। आंतरिक लोकपाल की दोबारा नियुक्ति नहीं की। क्योंकि उन्हें पता है कि लोकायुक्त के आते ही खुद उनके बहुत सारे विधायक भी जांच के दायरे में आ जाऐंगे। यह उनकी पारदर्शिता पर दोहरा चरित्र है।