फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   kapil mishra reaches acb office for questioning

एसीबी पूछताछ के बाद बोले कपिल- 'उनकी कोशिश थी, मैं केजरीवाल के खिलाफ कुछ बोल दूं'

Mon, 04 Jul 2016 05:40 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 04 Jul 2016 05:40 PM IST
विज्ञापन
kapil mishra reaches acb office for questioning
कप‌िल म‌िश्रा

विज्ञापन

दिल्ली सरकार में जल मंत्री कपिल मिश्रा आज भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) के सामने पेश हुए। कपिल मिश्रा करीब 2 घंटे एसीबी दफ्तर में रहे और उनसे पूछताछ होती रही।इस दौरान उनके समर्थन में सैकड़ों लोग एसीबी दफ्तर के बाहर जमे रहे।

दो घंटे की पूछताछ के बाद एसीबी दफ्तर से बाहर न‌िकलकर कपिल मिश्रा ने कहा कि 1 डीसीबी, 2 ACP और 4 इंस्पेक्टर मुझे घेर कर बैठे थे, लेकिन एक भी सवाल शीला दीक्षित के बारे में नहीं पूछा। कप‌िल आगे बोले क‌ि जब मैंने उनसे पूछा क‌ि आप सब में से क‌िसी ने मेरी र‌िपोर्ट पढ़ी है तो एक के अलावा सबने इससे इंकार कर द‌िया।

विज्ञापन

कप‌िल ने ये दावा भी क‌िया क‌ि, उनकी कोशिश थी कि केजरीवाल के बारे कुछ बोल दूं। ये सभी अधिकारी मीणा जी के पास गये आधे घंटे के लिए, लगता है मीणा जी के  पास कोई उपर से संदेश आया थी कि मैं कुछ केजरीवाल के खिलाफ बोल दूं।

विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें क‌ि आज सुबह कपिल मिश्रा से एसीबी के दफ्तर में टैंकर घोटाले के मामले में 2 घंटे तक पूछताछ हुई। कपिल अपने समर्थकों के बड़े जन सैलाब के साथ अपने घर से मार्च करते हुए एसीबी के दफ्तर पहुंचे।

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल सरकार पर आरोप है कि उन्होंने घोटाले से जुड़ी रिपोर्ट को करीब साल भर तक दबा कर रखा और उस पर कार्रवाई नहीं की।

बता दें कि हाल ही में बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर 400 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में शीला दीक्षित सरकार व केजरीवाल सरकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

'मैंने ‌क‌िया है भ्रष्टाचार तो डाल दें जेल में'

kapil mishra reaches acb office for questioning
कप‌िल म‌िश्रा

इस मामले में कपिल मिश्रा ने आज पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, 'अगर मैंने भ्रष्टाचार किया है तो मैं यहीं एसीबी दफ्तर के बाहर खड़ा हूं, मुझे जेल में डाल दो।'

उन्होंने आगे कहा कि, 'मैंने सारे सबूतों के साथ शीला दीक्षित के घोटालों की रिपोर्ट दी है। उन्हें जेल में क्यों नहीं डाल रहे हो। पीएम मोदी ने शीला दीक्षित को बचाने की ठानी हुई है। एसीबी, सीबीआई और दिल्ली पुलिस सब आपकी है, मुझे जेल में डाल दो।'

क्या है वाटर टैंकर घोटाला
यह घोटाला 2010-11 के दौरान सामने आया था। गौरतलब है कि पानी की सप्लाई के लिए टैंकर किराए पर लेने थे और जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं है वहां इनसे सप्लाई होनी थी।

स्टेनलेस स्टील के 450 टैंकर किराए पर लिए जाने थे, इसके लिए शीला सरकार ने 2010 में टेंडर निकाला। टेंडर की लागत 50.98 करोड़ रुपये रखी गई थी।

लेकिन बाद में 2010 का टेंडर रद्द कर, अगले डेढ़ साल में चार बार टेंडर निकाले गए। टेंडर की कॉस्ट 50.98 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 637 करोड़ कर दी गई। दिसंबर 2011 में 10 साल के लिए टैंकर किराए पर लिए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed