कन्हैया का मोदी को पत्र, 'मीट बदलो या वीडियो देश में बदलाव नहीं होगा'
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जेएनयू में नौ फरवरी के 5 कथित वीडियो लैब में सही पाए जाने के बाद जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की।
कन्हैया कुमार ने पीएम पर आरोप लगाया कि सभी विश्वविद्यालयों में आपातकाल जैसे हालात बना दिए गए हैं और ‘मीट’ या ‘वीडियो’ बदलने से देश में वास्तविक बदलाव नहीं होगा।
मोदी को एक खुला पत्र लिखते हुए कन्हैया ने दादरी की घटना का जिक्र किया जहां इकलाख नाम के व्यक्ति को इस संदेह के आधार पर पीट-पीटकर मार दिया गया था कि उसके परिवार ने अपने घर में गोमांस रखा था और खाया था।
'अगर दो साल में विकास किया होता तो आपको करोड़ों का प्रचार नहीं करना होता'
कन्हैया ने अपनी इस चिट्ठी में जेएनयू में नौ फरवरी के एक विवादास्पद आयोजन से जुड़े कथित वीडियो का भी जिक्र किया है। छात्रसंघ अध्यक्ष ने पत्र में लिखा, ‘मोदीजी, मीट या वीडियो को बदलने से देश नहीं बदलेगा। देश तब बदलेगा जब उसके लोगों की हालत सुधरेगी।'
'आपके शासनकाल में चीजें केवल बद से बदतर हुई हैं। युवाओं और छात्रों ने बड़ी उम्मीद के साथ आपको चुना था।’ उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि हर विश्वविद्यालय में आपातकाल की स्थिति बन गयी है। क्या आप इसी हालात का वादा कर रहे थे, जब आप पूरे देश में ‘अच्छे दिन’ के नारे लगा रहे थे।’
बता दें कि कन्हैया 9 फरवरी को जेएनयू परिसर में देशद्रोह के नारे लगाने के मामले में जमानत पर है। यह आयोजन संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने के खिलाफ था।
कन्हैया ने अपने खुले पत्र में लिखा है, ‘अगर आपने पिछले दो साल में विकास किया होता तो आपको इसका प्रचार करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च नहीं करने होते। मैं आपसे एक विद्यार्थी के तौर पर सवाल कर रहा हूं।'
'आपने विज्ञापनों पर 200 करोड़ रुपए खर्च कर दिए लेकिन आपके पास रिसर्च स्कॉलरों के लिए गैर-एनईटी छात्रवृत्ति के लिहाज से 99 करोड़ रुपए नहीं हैं।’ पत्र के मुताबिक, ‘कोई नयी नौकरी नहीं पैदा हुई, किसान हताशा में और साहूकारों के आतंक के कारण खुद की जान ले रहे हैं।’