वेंकैया नायडू बोले मुफ्त की पब्लिसिटी का मजा ले रहा है कन्हैया
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केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू को जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार का भाषण रास नहीं आया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कन्हैया को मुफ्त की पब्लिसिटी मिल रही है और वह इसका मजा ले रहा है। उन्हें राजनीति करने की बजाय पढ़ना चाहिए।
दूसरी ओर विपक्षी दलों ने छात्र नेता द्वारा बृहस्पतिवार रात विश्वविद्यालय परिसर में दिए गए भाषण की प्रशंसा की है। कन्हैया ने जेल से निकलने के बाद अपने साथियों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार, भाजपा और संघ को निशाने पर लिया था।
वेंकैया ने इस पर कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के लिए होते हैं। यदि उनकी राजनीति में रुचि है तो वे पढ़ाई छोड़कर इसमें आ सकते हैं। उन्होंने कन्हैया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह अपनी पसंदीदा पार्टी में शामिल हो सकता है, जिसकी संसद में सिंगल डिजिट भी नहीं है।
जेएनयू के विद्यार्थी बेहतर भारत के निर्माण की मांग कर रहे हैं
वहीं विपक्षी दलों ने कन्हैया की भरपूर सराहना की है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर छात्र नेता के भाषण को शानदार बताया तो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने इस बात का सबूत कि जेएनयू के विद्यार्थी बेहतर भारत के निर्माण की मांग कर रहे हैं।
वे भारतीय लोकतंत्र के धर्मनिरपेक्ष और गणतांत्रिक स्वरूप की रक्षा करने वाले पैदल सिपाही हैं। इसी तरह कांग्रेस के अश्विनी कुमार के मुताबिक उनकी पार्टी मानती रही है कि कन्हैया ने कुछ भी राष्ट्र विरोधी नहीं कहा था। अपने भाषण से उसने यह और भी स्पष्ट कर दिया है।
केजरीवाल ने कहा कि मैंने आपसे कई बार कहा मोदी जी कि छात्रों से पंगा मत लीजिए। मोदी जी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। कन्हैया का भाषण कई बार सुना। विचारों को जबरदस्त तरीके से रखा। उसने वही कहा जो ज्यादातर लोग महसूस कर रहे हैं।
विधानसभा चुनावों में वाम दलों के लिए प्रचार करेगा कन्हैया
जेएनयू छात्रसंघ का अध्यक्ष कन्हैया कुमार पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान वाम दलों के लिए प्रचार कर सकता है। वाम दलों ने ही यह दावा करते हुए कन्हैया को अपना कार्यकर्ता बताया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी के अनुसार कन्हैया वाम कार्यकर्ता है।
ऐसे में वह निश्चित रूप से वाम दलों के लिए प्रचार करेगा। येचुरी ने कहा, ‘यह अधिकतर कहा जाता है कि युवा वाम दलों की तरफ आकर्षित नहीं होते। उनका बृहस्पतिवार को जेएनयू में हुई मीटिंग के बारे में क्या कहना है।’ वहीं सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव डी राजा ने बताया कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर कन्हैया उनके लिए प्रचार कर सकता है।
देश के कई भागों से उसके कार्यक्रम की मांग आ रही है। कन्हैया ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन का छात्र नेता है। यह संगठन सीपीआई की छात्र इकाई है।