सांस नहीं ले पा रही थी काजल, बिना देखे ही रेफर कर दिया
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सिविल अस्पताल में शुक्रवार को डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से मरीज बीमार 19 साल की काजल को डॉक्टरों ने बिना देखे ही सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
इसको लेकर परिजनों ने हंगामा किया। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने बीमारी का नाम तक बताना मुनासिब नहीं समझा। मौके पर मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों को भी झिझकते हुए डॉक्टरों ने कह दिया कि और भी बहुत काम है।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बचपन से अक्षम काजल की तबीयत खराब होने के बाद उनके परिजन सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। लेकिन, करीब एक घंटे तक बेड पर रहने के बावजूद कोई डॉक्टर देखने नहीं आया।
काजल के चाचा राजेश का कहना है कि कई बार डॉक्टर के कक्ष में गए, लेकिन कोई देखने तक नहीं आया। दो बार नर्स आई और बिना कुछ किए चली गई। एक घंटे बाद डॉक्टर काजल को बिना नब्ज टटोले मामला गंभीर बताकर सफदरजंग रेफर कर दिया।
पता ही नहीं चल रहा था कौन ड्यूटी पर है
काजल की मां माया ने बताया कि करीब दस साल पहले एक दुर्घटना में उसकी दोनों टांगों ने काम करना बंद कर दिया। अपनी हैसियत से इलाज करा चुके हैं। दोपहर को अचानक रक्तचाप बढ़ने और सांस लेने में दिक्कत आने की वजह से इमरजेंसी में लाया गया।
हर सांस के साथ उसकी आंखें बाहर निकलती लग रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक यह न्यूरोलॉजी का मामला है। इसका उपचार यहां संभव नहीं है। इसके बाद परिजनों ने शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया।
डॉक्टरों के रवैये से दुखी परिजनों ने जब अपनी शिकायत लेकर शिकायत सेल में पहुंचे तो दिन के चार बजे वहां कोई उपलब्ध नहीं था। इमरजेंसी में किसी को भी नहीं मालूम कि आखिर कौन ड्यूटी पर है और कहां गया? परिजनों ने इसकी शिकायत सीएम विंडो में करने का निर्णय लिया है। बता दें कि मरीजों की शिकायत सुनने और उसके निपटारा करने के लिए अस्पताल में शिकायत सेल बनाया गया था।