फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Kailash satyarthi to focus on drugs abuse among children

कैलाश सत्यार्थी के चलते SC ने राज्यों को भेजा नोटिस

Fri, 17 Oct 2014 04:51 PM IST
Updated Fri, 17 Oct 2014 04:51 PM IST
विज्ञापन
Kailash satyarthi to focus on drugs abuse among children

हाल ही में बाल मजदूरी और तस्करी रोकने के अथक प्रयासों के कारण नोबेल पुरस्कार पाने वाले समाज सेवी कैलाश सत्यार्थी की एक जनहित याचिका ने सुप्रीम कोर्ट को कड़े फैसले लेने पर मजबूर कर दिया।

विज्ञापन


सत्यार्थी ने अपने 'एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन' के माध्यम से एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने भारत में बच्चों के अंदर बढ़ रही नशे की लत की ओर न्यायालय का ध्यान आकर्षित कराया है। जिसके बाद न्यायालय ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों को एक 'नेशनल एक्शन प्लान' बनाने का नोटिस भी जारी कर दिया है।
विज्ञापन


इस याचिका में सत्यार्थी के एनजीओ ने बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए विशिष्ट सिस्टम बनाने की मांग की थी। इसी याचिका के चलते कोर्ट ने राज्यों को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा है कि बार-बार आदेश दिए जाने के बाद भी आखिर राज्य इस विषय में ठोस कदम क्यों नहीं उठा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

डेढ़ दशक में दस गुने से भी ज्यादा प्रत‌िशत बच्चों में बढ़ी नशे की लत

Kailash satyarthi to focus on drugs abuse among children

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 2012 में कराए गए सर्वे में आए आंकड़ों को पेश करते हुए एनजीओ के वकील एचएस फूल्का ने कम उम्र के बच्चों में नशे के बढ़ते रुझान की ओर कोर्ट का ध्यान आ‌कर्षित कराया।

फूल्का ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बताया कि 15-19 साल के 28.6 प्रतिशत लड़के तंबाकू का सेवन करते हैं जबकि 15 प्रतिशत लड़कों को शराब की लत है।

इसी तरह 15-19 साल की 5.5 प्रतिशत लड़कियां तंबाकू का सेवन करती हैं, वहीं 4 प्रतिशत लड़कियां शराब की आ‌दी हैं। फूल्का ने आगे बताया कि इन आंकड़ों में एक बात और सामने आती है कि 1998-99 में क‌िए गए सर्वे में लड़कों के लिए यही प्रतिशत 2.4 प्रतिशत था जबकि लड़कियों में 0.6 प्रतिशत था।

मुख्य न्याया‌धीश ने लगाई राज्यों को फटकार

Kailash satyarthi to focus on drugs abuse among children

कोर्ट की इसी सुनवाई के दौरान कैलाश सत्यार्थी के खोए हुए बच्चों के संबंध में किए जा रहे प्रयास को भी बल मिला। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान सभी राज्यों को गुमशुदा बच्चों को ट्रैक करने के लिए पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।

मुख्य न्याया‌धीश एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा क‌ि कोर्ट को उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं होगा जहां नियमित रूप से बच्चे गायब होते हैं और कोई अधिकारी कुछ नहीं करते। इसकी शुरूआत बेंच ने बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और त्रिपुरा से की है।

मुख्य न्यायाधीष ने कहा कि 'चीजें हाथ से निकलती जा रही हैं। पिछली रात एक मां मेरे घर पर आई और रो-रोकर शिकायत करने लगी कि उसके दो बच्चे लापता हैं और पुलिस कुछ नहीं कर रही है। इस घटना ने मुझे बहुत दुख पहुंचाया है। ये सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है और इसका कुछ किया ही जाना चाहिए।'

सभी थानों में जुवेनाइल वेलफेयर ऑफ‌िसर रखने के ‌द‌िए आदेश

Kailash satyarthi to focus on drugs abuse among children

कैलाश की एनजीओ पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ निर्देश जारी किए हैं। इनमें कुछ मुख्य निर्देश हैं कि जैसे ही पुलिस को किसी बच्चे के गुमशुदा होने की खबर मिले तुरंत उसकी एफआईआर दर्ज की जाए। इसके बाद बच्चे की फोटो को चाइल्ड ट्रैक वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने देश के हर पुलिस स्टेशन में जुवेनाइल वेलफेयर ऑफिसर रखने की बात भी कही।

न्यायालय ने सभी राज्यों को चेतावनी दी है कि इस विषय का तमाशा न बनाएं और समस्या के समाधान के लिए प्रभावशाली कदम उठाएं। मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने कहा कि कोर्ट के बार-बार आदेश के बाद भी इस तरह की घटनाओँ में ‌इजाफा होना बहुत ही खेद का विषय है।

साभारः मेल टुडे

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed