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'कबड्डी लीग से देश में छुपा टैलेंट बाहर आएगा'
कुमार हरिओम/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 14 Apr 2014 01:03 PM IST
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प्रोमोशनल कबड्डी लीग के बनने के बाद भारतीय महिला कबड्डी टीम की महिला कोच डॉ. सुनील डबास ने कहा कि इससे देश में छुपा टैलेंट सामने आएगा। साथ ही खिलाड़ियों तक पैसा भी पहुंचेगा। उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश।
खिलाड़ियों के लिए कबड्डी लीग कितना फायदेमंद होगी?
डॉ. सुनील डबास: लीग से खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। अभी राष्ट्रीय टीम में प्रदर्शन के बाद खिलाड़ी को राज्य स्तर पर मेडल मिलने के अलावा कोई मदद नहीं मिलती थी। लेकिन लीग में खिलाड़ियों को मुंहमांगे दाम पर खरीदने से खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से काफी फायदा मिलेगा।
कबड्डी को देशी खेल कहा जाता है? इसमें ग्लैमर और चकाचौंध भरने से लोग इसे कितना पसंद करेंगे?
डॉ. सुनील डबास: कबड्डी अब गांव का खेल नहीं रहा है। भारतीय टीम में मुंबई से लेकर रोहतक, पुणे और बंगलूरू समेत कई शहरों के खिलाड़ी खेल रहे हैं। आईपीएल को जिस प्रकार से डिजाइन किया गया था, उसी वजह से लोग उसे पसंद कर रहे हैं। ठीक वैसे ही देशभर में लोगों को कबड्डी का बेहतरीन रोमांच देखने को मिलेगा।
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पैसों के लिए तो कबड्डी लीग शुरू नहीं किया जा रहा?
डॉ. सुनील डबास: नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इस लीग से खिलाड़ियों को टैलेंट ही आगे बढ़ेगा। इसे क्रिकेट से नहीं जोड़ सकते। जब यह शुरू होगा तो इसके बेहतरीन परिणाम सबको देखने को मिल जाएंगे।
कबड्डी लीग से कितना टैलेंट निकलकर सामने आएगा?
डॉ. सुनील डबास: कुछ खिलाड़ी स्टेट लेवल से आगे नहीं बढ़ पाते, उन्हें कबड्डी लीग से उभरकर सामने आने का मौका मिलेगा। हमें भी अच्छे खिलाड़ी मिलेंगे। यह खिलाड़ियों के बेहतरीन प्लेटफार्म साबित होगा।
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खिलाड़ियों के लिए कबड्डी लीग कितना फायदेमंद होगी?
डॉ. सुनील डबास: लीग से खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। अभी राष्ट्रीय टीम में प्रदर्शन के बाद खिलाड़ी को राज्य स्तर पर मेडल मिलने के अलावा कोई मदद नहीं मिलती थी। लेकिन लीग में खिलाड़ियों को मुंहमांगे दाम पर खरीदने से खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से काफी फायदा मिलेगा।
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कबड्डी को देशी खेल कहा जाता है? इसमें ग्लैमर और चकाचौंध भरने से लोग इसे कितना पसंद करेंगे?
डॉ. सुनील डबास: कबड्डी अब गांव का खेल नहीं रहा है। भारतीय टीम में मुंबई से लेकर रोहतक, पुणे और बंगलूरू समेत कई शहरों के खिलाड़ी खेल रहे हैं। आईपीएल को जिस प्रकार से डिजाइन किया गया था, उसी वजह से लोग उसे पसंद कर रहे हैं। ठीक वैसे ही देशभर में लोगों को कबड्डी का बेहतरीन रोमांच देखने को मिलेगा।
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पैसों के लिए तो कबड्डी लीग शुरू नहीं किया जा रहा?
डॉ. सुनील डबास: नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। इस लीग से खिलाड़ियों को टैलेंट ही आगे बढ़ेगा। इसे क्रिकेट से नहीं जोड़ सकते। जब यह शुरू होगा तो इसके बेहतरीन परिणाम सबको देखने को मिल जाएंगे।
कबड्डी लीग से कितना टैलेंट निकलकर सामने आएगा?
डॉ. सुनील डबास: कुछ खिलाड़ी स्टेट लेवल से आगे नहीं बढ़ पाते, उन्हें कबड्डी लीग से उभरकर सामने आने का मौका मिलेगा। हमें भी अच्छे खिलाड़ी मिलेंगे। यह खिलाड़ियों के बेहतरीन प्लेटफार्म साबित होगा।