फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Juvenile's family hesitating to take him back.

निर्भया गैंगरेप के नाबालिग दोषी से जुड़ी 7 बातें

Mon, 21 Dec 2015 04:50 PM IST
रिपोर्ट/बीबीसी हिन्दी, नई दिल्ली
रिपोर्ट/बीबीसी हिन्दी, नई दिल्ली Updated Mon, 21 Dec 2015 04:50 PM IST
विज्ञापन
Juvenile's family hesitating to take him back.

दिल्ली के चर्चित निर्भया बलात्कार कांड के तीन साल पूरे होने के साथ ही नाबालिग दोषी की रिहाई का रास्ता भी साफ हो गया है। हालांकि उसकी रिहाई रोकने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। मौजूदा कानून के तहत नाबालिग दोषी को दूसरा मौका दिया जा रहा है।

विज्ञापन


नाबालिग दोषी की रिहाई से जुड़े घटनाक्रम की 7 ताजा बातें-
1. शनिवार देर रात दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भारत के मुख्य न्यायाधीश के घर पहुंचीं और गैंगरेप के नाबालिग दोषी की रिहाई रोकने के लिए याचिका दायर की जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
विज्ञापन


2. शनिवार देर शाम प्रदर्शन कर रहे निर्भया के माता-पिता समेत कई प्रदर्शनकारियों को कुछ देर के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया। रिहाई का विरोध कर रहे निर्भया के परिवार का तर्क है कि अगर अपराध के लिए उम्र नहीं है तो फिर सज़ा के लिए क्यों हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्हें उनकी सुरक्षा के लिए अलग रखा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

'दिसंबर 2012 में 17 साल का था दोषी'

Juvenile's family hesitating to take him back.

3. शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने नाबालिग की रिहाई रोकने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद रविवार या उससे पहले नाबालिग की रिहाई तय हो गई थी।


4. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ नाबालिग दोषी को सुधार गृह से अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है।

5. कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नाबालिग का परिवार उसे वापस लेने से हिचकिचा रहा है और नाबालिग भी जेल से बाहर आने से डर रहा है।
नाबालिग के परिवार ने भी कड़ी सजा की मांग की थी।

6. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) के मुताबिक दिसंबर 2012 में बलात्कार के वक़्त नाबालिग दोषी लगभग 17 साल का था।

7. 28 जनवरी 2013 को अपने फैसले में जेजेबी ने नाबालिग को वयस्क मानकर मुकदमा चलाने से इंकार कर दिया था। 31 अगस्त 2013 को नाबालिग को बलात्कार और कत्ल का दोषी मानते हुए तब के कानून के तहत अधिकतम तीन साल की सजा दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed