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आबकारी नीति: सिसोदिया समेत अन्य की न्यायिक हिरासत 22 तक बढ़ी, CBI को सीलबंद स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा

Tue, 06 Feb 2024 04:58 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 06 Feb 2024 04:58 AM IST
सार

अदालत ने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 22 फरवरी तक बढ़ा दी। अदालत ने सीबीआई को 22 फरवरी को सुनवाई की अगली तारीख तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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Judicial custody of Manish Sisodia and other accused extended till 22 February
मनीष सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अदालत ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को आबकारी नीति के गठन और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की चल रही जांच पर दो हफ्ते के भीतर एक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट सीलबंद कवर में दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं, अदालत ने पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 22 फरवरी तक बढ़ा दी।

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विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने सीबीआई की एक रिपोर्ट पर ध्यान दिया जिसमें कहा गया था कि अदालत के समक्ष दायर तीन आरोप पत्रों में नामित 16 आरोपियों से जुड़ी जांच पूरी हो गई है और अदालत आरोप तय करने पर दलीलें सुनने के लिए आगे बढ़ सकती है। अदालत ने सीबीआई को 22 फरवरी को सुनवाई की अगली तारीख तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने स्थिति रिपोर्ट पर आपत्ति जताई और कहा कि गवाहों के बयान अभी भी दर्ज किए जा रहे हैं और इसका इस्तेमाल उनके मामले पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए आरोप-पत्र दायर किए गए लोगों के खिलाफ किया जा सकता है। आरोपी चनप्रीत सिंह की ओर से पेश वकील चिराग मदान ने कहा हम अपनी दलीलें पेश करना शुरू कर सकते हैं और फिर किसी भी कमी को पूरा करने के लिए वे आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 173 (8) के तहत एक रिपोर्ट दाखिल कर सकते हैं।

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पूर्व डिप्टी सीएम को सप्ताह में एक बार बीमार पत्नी से मिलने की अनुमति
अदालत ने सोमवार को आबकारी नीति मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को हिरासत के दौरान बीमार पत्नी से सप्ताह में एक बार मिलने की अनुमति दे दी। उनकी नियमित जमानत याचिका पर 12 फरवरी को विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल के समक्ष सुनवाई होगी। अदालत ने सिसोदिया के वकीलों से पूछा कि क्या उनकी पत्नी एक अटेंडेंट की मदद से जेल में उनसे मिल सकती हैं। इस पर, उन्होंने नकारात्मक उत्तर दिया और कहा कि लंबे समय तक चलने में असमर्थता के कारण सीमा सिसोदिया एक बार भी जेल में उनसे मिलने नहीं गईं। पिछले महीने मनीष सिसौदिया ने योग्यता के आधार पर नियमित जमानत और मल्टीपल स्केलेरोसिस की मरीज अपनी पत्नी से हर सप्ताह दो दिन मिलने के लिए हिरासत पैरोल की मांग करते हुए अदालत का रुख किया था।

सुधारात्मक याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर सुप्रीम कोर्ट सहमत
सुप्रीम कोर्ट दिल्ली आबकारी नीति मामले में जमानत की मांग करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) नेता व दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की ओर से दायर सुधारात्मक याचिकाओं को सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गया।

सिसौदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष उपचारात्मक याचिका का उल्लेख करते हुए इसे तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग की। जिसके बाद सीजेआई ने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही मामले को सूचीबद्ध करेंगे। पिछले साल 30 अक्तूबर को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दर्ज मामलों में जमानत की मांग वाली सिसोदिया की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। 13 दिसंबर को इसी पीठ ने पुनर्विचार या समीक्षा याचिका भी खारिज कर दी थी। जिसके बाद सिसोदिया ने सुधारात्मक याचिका दायर की है।

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