पत्रकार पूजा मौत मामला: अमित उगलेगा घटना की रात का सच
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सेक्टर 46 सद्भावना अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 509 में एक मई 2016 की रात क्या हुआ था? क्या पत्रकार पूजा तिवारी को जानबूझ कर बहुत ज्यादा शराब पिलाई गई थी? नशे की वजह से चलने फिरने की स्थिति में नहीं होने पर भी पूजा बालकनी तक कैसे पहुंची? वह खुद गिरी या उसे फेंका गया?
पूजा ने सुसाइड नोट खुद लिखा था या उसे झांसा देकर लिखवाया गया? इस तरह के सवालों का सही जवाब जानने के लिए आरोपी अमित का नार्को और पॉलीग्राफी टेस्ट किया जाएगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. पंकज ने यह दोनों टेस्ट कराने के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि मूल रूप से इंदौर निवासी वेब पोर्टल पत्रकार पूजा तिवारी की 1 मई 2016 की रात सद्भावना अपार्टमेंट की 5वीं मंजिल स्थित फ्लैट की बालकनी से संदिग्ध हालात में गिरने से मौत हो गई थी।
घटना के समय फ्लैट में इंस्पेक्टर अमित वशिष्ठ और अमरीन खान मौजूद थे
घटना के समय फ्लैट में इंस्पेक्टर अमित वशिष्ठ और पूजा की पत्रकार दोस्त अमरीन खान मौजूद थे। अमित ने बताया था कि पूजा ने आत्महत्या की और उसने पुलिस को सुसाइड नोट भी बरामद कराया था, लेकिन घटना की रात पूजा की लखनऊ निवासी दोस्त से हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सामने आने पर अमित वशिष्ठ शक के दायरे में आ गया था।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फोरेंसिक जांच में भी पूजा की हत्या किए जाने की ओर इशारा किया था। पूजा के पिता के वकील प्रत्यूष शर्मा की ओर से अदालत में अमित का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराए जाने की मांग की गई थी।
अमित के वकील ने इसे स्वैच्छिक प्रक्रिया बताते हुए टेस्ट से इनकार किया था लेकिन निचली अदालत ने दोनों टेस्ट कराए जाने के आदेश दिए थे। निचली अदालत के फैसले को अमित ने ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी।
बृहस्पतिवार को डॉ. पंकज की कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा और अमित की अर्जी को खारिज कर दिया है। एडवोकेट प्रत्यूष शर्मा ने बताया कि अदालत से इजाजत मिलने के बाद अमित के नार्को टेस्ट के लिए रोहतक या हैदराबाद की एफएसएल को पत्र लिखकर समय मांगा जाएगा। जैसे ही समय मिलेगा उसका टेस्ट कराया जाएगा।