पत्रकार पूजा की मौत के आरोपी निलंबित इंस्पेक्टर के नार्को टेस्ट पर फैसला आज
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पोर्टल पत्रकार पूजा तिवारी की संदिग्ध मौत में आत्महत्या को मजबूर करने के आरोप में जेल में बंद निलंबित इंस्पेक्टर अमित वशिष्ठ के नार्को टेस्ट पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तरुण सिंघल आज फैसला सुनाएंगे।
मंगलवार को मृतका के पिता रवि तिवारी के वकील और बचाव पक्ष के वकीलों की बहस सुनने के बाद जज ने फैसला बुधवार तक टाल दिया। मालूम हो कि एक सप्ताह पहले ही रवि तिवारी के वकील प्रत्यूष शर्मा ने अमित का नार्को टेस्ट कराने की मांग अदालत से की थी।
पीड़ित पक्ष ने पूजा की पत्रकार साथी अमरीन खान को भी सहआरोपी बनाए जाने की मांग अदालत से की। मृतका पूजा तिवारी पक्ष की ओर से नार्को टेस्ट की मांग का विरोध करते हुए बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि पुलिस इस केस में चालान पेश कर चुकी है।
टेस्ट से जुटाए गए तथ्यों और सबूतों का मिलान कराना जरूरी है
इसीलिए कानूनन अब इसमें किसी तरह की जांच नहीं कराई जा सकती। पीड़ित पक्ष के वकील की दलील थी कि नार्को टेस्ट कराया जाना इस केस में नई जांच का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हो चुकी जांच का एक हिस्सा है। टेस्ट से जुटाए गए तथ्यों और सबूतों का मिलान कराना जरूरी है।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने नारको टेस्ट कराए जाने या न कराए जाने का फैसला सुरक्षित रख लिया। बुधवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।
रवि तिवारी के वकील प्रत्यूष शर्मा ने पूजा तिवारी की साथी पत्रकार अमरीन खान को भी सह आरोपी बनाए जाने की मांग अदालत से की।
उनकी दलील थी कि घटना वाली रात अमरीन खान मौके पर मौजूद थी। पुलिस ने चालान में जो तथ्य पेश किए हैं, उनके अनुसार भी अमरीन खान ही उस रात का सारा सच जानती हैं, जिसे पुलिस ने सह-आरोपी बनाए बिना ही छोड़ दिया। कोर्ट में वकील ने कुछ फोटोग्राफ भी पेश किए।