जेएनयू के प्रोफेसर समझाएंगे 'आजादी' का असल मतलब, लगेगी क्लास
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में देश विरोधी नारेबाजी विवाद के बाद ‘राष्ट्रीयता’ विषय पर एक महीने चली लेक्चर सिरीज के बाद अब यहां ‘आजादी : डिफरेंट मीनिंग ऑफ फ्रीडम’ पर क्लास लगेगी।
आजादी पर आयोजित यह क्लास सोमवार यानी 21 मार्च से शुरू हो रही है। इस विषय पर अलग-अलग वक्ता अपना व्याख्यान देंगे। आजादी विषय पर लेक्चर कराने का फैसला जेएनयू शिक्षक संगठन (जेनूटा) द्वारा लिया गया है।
जेनूटा अध्यक्ष अजय पटनायक ने बताया कि कैंपस में राष्ट्रीयता की लंबी क्लास चलने के बाद अब हम आजादी पर क्लास लेंगे। इसका कारण है कि आजादी शब्द काफी मशहूर हो रहा है। इस पर कैंपस के छात्रों के अलावा बाहर भी चर्चा हो रही है।
आजादी पर दिया गया नारा जेएनयू में आजादी का एथेंम बन गया है
हर कोई किस तरह की आजादी का प्रश्न लेकर चर्चा कर रहा है। छात्रों को पता चलना चाहिए की आजादी क्या होती है। उन्होंने कहा कि 21 मार्च से पार्थ चटर्जी आजादी पर पहली क्लास लेंगे। बताते चलें कि ‘आजादी’ शब्द इन दिनों चर्चा का विषय है।
दरअसल जेएनयू में देश विरोधी नारों को लेकर जो विवाद उठा वह अभी तक आजादी को लेकर चर्चा में है। कन्हैया के जेल से छूट के आने के बाद आजादी पर दिया गया नारा जेएनयू में आजादी का एथेंम बन गया है।
जिसमें कन्हैया ने अलग मुद्दों, मनुवाद, गरीबी जैसे शब्दों से आजादी की बात की थी। जेनूटा का कहना है कि आजादी क्या होती है यह जानने के लिए इस लेक्चर सिरीज का आयोजन हो रहा है। जिससे इस शब्द, संविधान की बातें और व्यक्तिगत आजादी को लोग समझ सके। अभी यह आजादी क्लास कब तक चलेगी यह तय नहीं है।