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जेएनयू हिंसा: पुलिस को मिलीं 11 शिकायतें, मामला किसी पर भी दर्ज नहीं
Thu, 09 Jan 2020 02:10 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 09 Jan 2020 02:10 AM IST
सार
- एसआईटी को सौंपी जाएंगी शिकायतें, चौथे दिन भी माहौल रहा तनावपूर्ण
- छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष की शिकायत में हत्या की कोशिश का आरोप
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जेएनयू में हिंसा मामले में वसंत कुंज (नॉर्थ) थाना पुलिस को 11 शिकायतें मिली हैं। दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेंद्र आर्या ने बताया कि पुलिस ने सभी शिकायतें ले ली हैं, हालांकि मामला किसी पर दर्ज नहीं किया गया है। जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष ने शिकायत में अपनी हत्या की कोशिश का आरोप लगाया है। जिला डीसीपी ने कहा कि सभी शिकायतों को जेएनयू बवाल मामले की जांच कर रही एसआईटी को सौंपा जाएगा।
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दूसरी तरफ, जेएनयू में चौथे दिन भी माहौल तनावपूर्ण रहा। कैंपस के बाहर व अंदर भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने गंगनाथ मार्ग चौथे दिन भी बंद रखा।
जिला डीसीपी देवेंद्र आर्या के मुताबिक, बुधवार दोपहर तक एबीवीपी नेताओं की तीन, छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष समेत वामपंथी छात्रों की सात और प्रोफेसर सुचारिता सेन की एक शिकायत मिली हैं। सभी शिकायतें हिंसा की जांच कर रही एसआईटी को दी जाएंगी। जो शिकायत जेएनयू बवाल से संबंधित नहीं है, उसकी जांच स्थानीय थाना पुलिस करेगी।
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डीसीपी ने कहा कि जेएनयू में हालत नियंत्रण में हैं। प्रशासन के आग्रह पर कैंपस के अंदर भी पुलिस तैनात है। वहां पुलिस की तैनाती अभी कुछ और दिन रहेगी। उधर, छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष ने अपनी शिकायत में कहा है कि भीड़ ने उनकी हत्या करने के लिए जान-बूझकर हमला किया। उनके हाथों में रॉड, कुल्हाड़ी, लाठी व डंडे थे। आइशी घोष ने कहा कि उन्होंने तीन बजे ही वसंत कुंज थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर संजीव मंडल व संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद मोहन को सूचना दी थी।
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शिक्षक शांतिपूर्वक मार्च निकाल रहे थे। तभी नकाबपोश भीड़ ने हमला कर दिया। हमलावरों के हाथ में कुल्हाड़ी थी। उन्होंने छात्रों पर हमला नहीं करने की अपील की, लेकिन उन्होंने घेरकर उन पर हमला कर दिया। उनके सिर पर रॉड से हमला किया गया। वह नीचे गिर गईं और सिर से खून निकलने लगा। आईशी घोष ने दावा किया है कि वह एक आरोपी को पहचान सकती हैं।
छेड़छाड़ और गाली-गलौज का भी आरोप
आईशी घोष ने आरोप लगाया है कि हमले के दौरान उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ की गई। हमलावरों ने गाली-गलौज भी की। हमले के दौरान उन्हें लगा कि हमलावर जान से मार देंगे। उन्हें कई जगह चोटें आई हैं। आईशी घोष ने आरोप लगाया कि साथी विद्यार्थी निखिल, अंजना व बासिथ उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जा रहे थे। नॉर्थ गेट से उनकी एंबुलेंस को बाहर नहीं निकलने दिया गया।
उनके मुताबिक, गेट पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ 30-40 पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसके बाद एंबुलेंस को घूमकर जाना पड़ा। आईशी घोष ने एबीवीपी के कुछ छात्रों का नाम लेकर कहा है कि उन्हें कई दिन से उनकी ओर से धमकियां मिल रही थीं।