{"_id":"69a99b4787722b5c4e093c2b","slug":"jnu-vcs-statement-sparks-uproar-teachers-union-writes-to-education-minister-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-126553-2026-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: जेएनयू वीसी के बयान पर बवाल, शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: जेएनयू वीसी के बयान पर बवाल, शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
विज्ञापन
- जाति पर टिप्पणी को बताया आपत्तिजनक, कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित को हटाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलगुरु प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित के जाति संबंधी बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस पर जवाहर लाल नेहरू शिक्षक संघ ने विरोध जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एक पत्र लिखा है। संघ ने मंत्रालय से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने और कुलपति को पद से हटाने की मांग की है।
शिक्षक संघ का कहना है कि उनके बयान से उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति और सामाजिक न्याय को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनकी यह टिप्पणी न केवल असंवेदनशील है बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ भी है। जेएनयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुरजीत मजूमदार और सचिव मीनाक्षी सुंदरीयाल की ओर से पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि एक पाडकॉस्ट में कुलपति ने जाति और उसके भारतीय समाज में महत्व को लेकर टिप्पणी की थी।
संघ ने कहा कि इन परिस्थितियों में कुलपति का पद पर बने रहना विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है। इस कारण विश्वविद्यालय का माहौल भी प्रभावित हो सकता है। पत्र में कहा गया है कि यदि सरकार उनके विचारों से सहमत नहीं हैं तो उन्हें अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलगुरु प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित के जाति संबंधी बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस पर जवाहर लाल नेहरू शिक्षक संघ ने विरोध जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एक पत्र लिखा है। संघ ने मंत्रालय से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने और कुलपति को पद से हटाने की मांग की है।
शिक्षक संघ का कहना है कि उनके बयान से उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति और सामाजिक न्याय को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनकी यह टिप्पणी न केवल असंवेदनशील है बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ भी है। जेएनयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुरजीत मजूमदार और सचिव मीनाक्षी सुंदरीयाल की ओर से पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि एक पाडकॉस्ट में कुलपति ने जाति और उसके भारतीय समाज में महत्व को लेकर टिप्पणी की थी।
विज्ञापन
संघ ने कहा कि इन परिस्थितियों में कुलपति का पद पर बने रहना विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है। इस कारण विश्वविद्यालय का माहौल भी प्रभावित हो सकता है। पत्र में कहा गया है कि यदि सरकार उनके विचारों से सहमत नहीं हैं तो उन्हें अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
विज्ञापन