जेएनयू ने कन्हैया कुमार की निजी सुरक्षा हटाई, इस शर्त पर मिलेगी दोबारा
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जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को दी गई निजी सुरक्षा वापस ले ली है। विश्वविद्यालय ने कन्हैया को नोटिस भेजते हुए कहा है कि जब तक वो 5 लाख बकाया रुपए चुका नहीं देते तब तक उनकी सुरक्षा बहाल नहीं की जाएगी।
विश्वविद्यालय ने कन्हैया कुमार की सुरक्षा को वापस लेने का निर्णय तब लिया जब जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ कुमार ने भी वाइस चांसलर को अपनी जान पर खतरा बताकर सुरक्षा की मांग की। उन्होंने अपने खत में कन्हैया कुमार को दी गई सुरक्षा कवर का भी हवाला दिया है।
सूत्रों का कहना है कि वीसी से आदेश मिलने के बाद चीफ सिक्योरिटी अफसर ने बृहस्पतिवार को कन्हैया को दी गई सुरक्षा वापस ले ली। नाम ना उजागर होने की शर्त पर जेएनयू के एक अफसर ने बताया कि विश्वविद्यालय किसी एक शख्स की सुरक्षा पर इतने ज्यादा पैसे खर्च नहीं कर सकता। कैंपस सुरक्षित है और यहां हर तरफ सिक्योरिटी की व्यवस्था है।
दिल्ली पुलिस ने भी मुहैया कराई थी सुरक्षा
कन्हैया पर देशद्रोह का केस होने और उसकी गिरफ्तारी के बाद बेल होते वक्त दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई थी। हालांकि कन्हैया ने वीसी को पत्र लिखकर बताया था कि उन्हें कैंपस में दिल्ली पुलिस के सिपाही नहीं चाहिए।
तब जेएनयू प्रशासन ने उन्हें 4 सुरक्षा गार्ड मुहैया कराए थे जो उनके हॉस्टल के बाहर रहने के साथ ही हर जगह उनके साथ जाते थे। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देशानुसार कन्हैया को तीन पुलिसवाले दिए गए थे जो 8-8 घंटे की शिफ्ट में उनके साथ रहते, चाहे वह कहीं भी हों।
हालांकि पुलिस की सारणी के अनुसार जब कन्हैया जेएनयू के बाहर रहेंगे तो वो केवल दिल्ली पुलिस के जवानों द्वारा गार्ड किए जाएंगे और तब भी जब वो दिल्ली से बाहर रहेंगे।