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जेएनयू : शिक्षक की बर्खास्तगी के विरोध में छात्र संघ
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शिक्षक पर बिना किसी पूर्व सूचना के 52 दिन तक अवकाश पर रहने का आरोप
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में राजनीतिक अध्ययन केंद्र के संकाय सदस्य डॉ. रोहन वीएच चौधरी की सेवा समाप्ति के विरोध में अब छात्र संघ भी उतर आया है। छात्र संघ ने शिक्षक की बर्खास्तगी को राजनीति से प्रेरित बताया है। छात्र संघ ने प्रशासन से बर्खास्तगी का आदेश वापस लेने की मांग की है।
छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुताबिक छात्रों के लिए यह सिर्फ एक शिक्षक का मामला नहीं है। यह विश्वविद्यालय के भविष्य का सवाल है। अगर शिक्षकों को उनके विचारों के लिए प्रताड़ित किया जाएगा तो छात्रों को भी चुप करा दिया जाएगा। यह कोई अकेली घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कई शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित और उन्हें परेशान रखा जाता है। छात्र संघ शिक्षक के साथ पूरी तरह खड़ा है। जेएनयू शिक्षक संघ भी जेएनयू कार्यकारी परिषद के इस फैसले की निंदा कर चुका है। बर्खास्त संकाय सदस्य पर बिना किसी पूर्व सूचना के 51-52 दिन तक अवकाश पर रहने का आरोप है। इस कारण उन पर यह कार्रवाई की गई है। ब्यूरो
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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में राजनीतिक अध्ययन केंद्र के संकाय सदस्य डॉ. रोहन वीएच चौधरी की सेवा समाप्ति के विरोध में अब छात्र संघ भी उतर आया है। छात्र संघ ने शिक्षक की बर्खास्तगी को राजनीति से प्रेरित बताया है। छात्र संघ ने प्रशासन से बर्खास्तगी का आदेश वापस लेने की मांग की है।
छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुताबिक छात्रों के लिए यह सिर्फ एक शिक्षक का मामला नहीं है। यह विश्वविद्यालय के भविष्य का सवाल है। अगर शिक्षकों को उनके विचारों के लिए प्रताड़ित किया जाएगा तो छात्रों को भी चुप करा दिया जाएगा। यह कोई अकेली घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कई शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित और उन्हें परेशान रखा जाता है। छात्र संघ शिक्षक के साथ पूरी तरह खड़ा है। जेएनयू शिक्षक संघ भी जेएनयू कार्यकारी परिषद के इस फैसले की निंदा कर चुका है। बर्खास्त संकाय सदस्य पर बिना किसी पूर्व सूचना के 51-52 दिन तक अवकाश पर रहने का आरोप है। इस कारण उन पर यह कार्रवाई की गई है। ब्यूरो
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