जेएनयू छात्रसंघ चुनाव : इस बार 70 फीसदी हुआ मतदान... पिछले साल था 73, परिणाम 28 अप्रैल को होंगे जारी
चुनाव समिति के अनुसार, इस वर्ष लगभग 70 फीसदी मतदान हुआ। वहीं पिछले वर्ष की तुलना में तीन फीसदी की कमी देखने को मिली।
विस्तार
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ चुनाव शुक्रवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। चुनाव समिति के अनुसार, इस वर्ष लगभग 70 फीसदी मतदान
हुआ। वहीं पिछले वर्ष की तुलना में तीन फीसदी की कमी देखने को मिली।
लाल सलाम, जय भीम, भारत माता की जय के नारों और डफली की आवाज के बीच जेएनयू छात्रसंघ चुनाव का आयोजन हुआ। जेएनयू परिसर के स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडी, स्कूल ऑफ सोशल साइंस-1 और स्कूल ऑफ सोशल साइंस-2 में मतदान के लिए 17 बूथ बनाए गए थे।
एक केंद्र पर दो घंटे की देरी से शुरू हुआ मतदान
इसमें स्कूल ऑफ लैंग्वेज, लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज में मतदान करीब दो घंटे की देरी से शुरू हुआ। इसकी वजह से बैलेट पेपर पर दो उम्मीदवारों का नाम नहीं होना था। फिर
जल्द चुनाव समिति द्वारा उस त्रुटि को सुधारकर मतदान शुरू कराया गया, जबकि दूसरे केंद्रों पर सुबह नौ बजे से मतदान शुरू हुआ। दो पाली में बैलेट पेपर से मतदान का आयोजन किया गया। मतदान के लिए पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 7906 थी। इसमें 43 फीसदी महिला और 57 फीसदी पुरुष मतदाता थे।
28 अप्रैल को परिणाम होगा जारी
इस बार वामदल छात्र संगठनों के बीच गठबंधन टूटने की वजह से परिणाम को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि छात्र संगठन अपनी जीत का दम भर रहे हैं। उधर,
देर रात को मतगणना शुरू हो गई। परिणाम 28 अप्रैल को जारी किया जाएगा। वहीं मतदान को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करते दिखे विद्यार्थी
छात्रसंघ चुनाव में पहली बार मतदान करने को लेकर छात्र उत्साहित दिखे। अलग-अलग मुद्दों को लेकर छात्र आपस में चर्चा करते दिखे। खासतौर पर वामदल के गठबंधन टूटने को लेकर छात्रों के बीच चर्चा काफी थी। कोई कह रहा था कि आइसा की वापसी होगी तो कोई एबीवीपी के उम्मीदवारों को जिता रहा था। मतदान के लिए केंद्रों के बाहर लंबी कतार थी। दिव्यांग छात्र भी जोश के साथ मतदान करने के लिए पहुंचे। कोई व्हीलचेयर पर आया तो किसी छात्र को ई-रिक्शा में बिठाकर लाया गया। गर्मी का असर छात्रों के उत्साह के आगे फीका नजर आ रहा था।
समर्थकों के साथ उम्मीदवारों ने भरा जीत का दम
छात्रसंघ चुनाव के लिए समर्थकों के साथ अलग-अलग छात्र संगठनों के उम्मीदवारों ने जीत का दम भरा। मतदान केंद्र के बाहर उम्मीदवार समर्थकों के साथ घूमते नजर आए। अगर किसी छात्र को मतदान संबंधी कोई दिक्कत हो रही थी तो उसे भी दूर किया जा रहा था।
चार पदों के लिए 29 उम्मीदवार है मैदान में
सेंट्रल पैनल में जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद के लिए 29 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसमें अध्यक्ष पद के लिए 13, उपाध्यक्ष के लिए पांच,
सचिव के लिए छह और संयुक्त सचिव पद के लिए पांच उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। वहीं 16 स्कूलों के 42 काउंसलर पदों के लिए 120 उम्मीदवार मैदान में हैं।
सेंट्रल पैनल के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष पद के लिए शिखा स्वराज, उपाध्यक्ष पद के लिए निट्टू गौतम, सचिव पद के लिए कुणाल राय एवं संयुक्त सचिव पद के लिए वैभव मीणा को मैदान में उतारा था, जबकि नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने अध्यक्ष पद के लिए प्रदीप ढाका, उपाध्यक्ष पद के लिए मोहम्मद कैफ, सचिव पद के लिए अरुण प्रताप और संयुक्त सचिव पद के लिए सलोनी खंडेलवाल को मैदान में उतारा।
आइसा और डीएसएफ ने एकसाथ होकर लड़ा चुनाव
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) ने संयुक्त तौर पर छात्रसंघ चुनाव लड़ा। इसमें अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार पीएचडी,उपाध्यक्ष पद के लिए मनीषा, सचिव पद के लिए मुंतहा फातिमा और संयुक्त सचिव के लिए नरेश को उम्मीदवार बनाया गया था।
वामदल में फूट से बना नया गठबंधन
पिछली बार आइसा, डीएसएफ, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार बिरसा अंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा), एआईएसएफ, एसएफआई और प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन (पीएसए) ने सेंट्रल पैनल के लिए संयुक्त उम्मीदवार घोषित किए। इसमें अध्यक्ष पद के लिए चौधरी तैय्यबा अहमद, उपाध्यक्ष पद के लिए संतोष कुमार, सचिव के लिए रामनिवास गुर्जर और संयुक्त सचिव के लिए निगम कुमारी ने चुनाव लड़ा।
उम्मीदवारों के नाम के पर्चों से पटा परिसर
जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों के आसपास का परिसर पर्चों से पट गया था। उम्मीदवारों के समर्थन में खूब पर्चे उड़ाए गए। नियमों को ताक पर रखा गया, जबकि
प्रशासन के स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए थे।
उत्तर-पूर्व की उम्मीदवार को लेकर रही चर्चा
जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में सचिव पद के लिए चुनाव लड़ने वाली उत्तर-पूर्व की यरी नायम को लेकर भी छात्रों के बीच में काफी चर्चा थी। उन्होंने स्वतंत्र तौर पर चुनाव लड़ा। उनके
प्रचार का तरीका छात्रों को काफी पसंद आया।
दूसरी पाली में दिखी मतदान के लिए भीड़
केंद्रों पर मतदान के लिए छात्रों की भीड़ दूसरी पाली में देखने को मिली। चुनाव दो अलग-अलग पाली में आयोजित किया गया था। दोपहर ढाई बजे दूसरी पाली में शुरू होने के दौरान छात्रों की भीड़ काफी देखी गई।
चुनाव को लेकर बीते वर्षों की स्थिति
- वर्ष 2024 में 73 फीसदी
- वर्ष 2019 में 67.9 फीसदी
- वर्ष 2018 में 67.8 फीसदी
- वर्ष 2017 में 58.69 फीसदी
- वर्ष 2016 में 59.6 फीसदी
- वर्ष 2015 में 55 फीसदी
- वर्ष 2014 में 55 फीसदी
- वर्ष 2013 में 55 फीसदी
- वर्ष 2012 में 60 फीसदी
JNU Elections : जेएनयू छात्रसंघ चुनाव आज, रात नौ बजे से होगी मतगणना; 28 को आएंगे परिणाम
(नोटः कोरोना के कारण वर्ष 2020 से लेकर 2023 के बीच चुनाव नहीं हुए)
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.