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जेएनयू नजीब अहमद केस: बेटे का पता लगाने के लिए मां फातिमा के पास बचे हैं ये रास्ते
धीरज बेनीवाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 09 Oct 2018 09:10 AM IST
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नजीब की मां फातिमा
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट ने नजीब अहमद गुमशुदगी केस में कहा है कि इस मामले में दूसरी एसआईटी बनाने का निर्देश देने का कोई आधार नहीं है। सीबीआई के मुताबिक हर पहलू की जांच हुई है। इसलिए एजेंसी को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति दी जाती है। उधर, हाईकोर्ट के फैसले के बाद फातिमा नफीस ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।
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खंडपीठ ने फातिमा नफीस की याचिका का निबटारा करते हुए कहा कि उसके सामने सभी कानूनी रास्ते खुले हुए हैं। वह सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद इसके विरोध में याचिका दायर कर अपने कानूनी अधिकार का प्रयोग कर सकती हैं।
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खंडपीठ ने फैसले में कहा कि याची की याचिका को स्वीकार करते हुए पहली बार में सीबीआई जांच का निर्देश दिया गया था। इस बात को नहीं माना जा सकता कि सीबीआई अपनी जांच में सुस्त रही है या उसने इस मामले में कोई कसर छोड़ी है।
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इससे पहले याची की ओर से जिरह करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कोलीन गोंसालविस ने कई बार सीबीआई की जांच पर सवाल उठाते हुए एक अलग एसआईटी बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि सीबीआई राजनीति दबाव के कारण केस की सही दिशा में जांच नहीं कर रही है।
इसलिए सीबीआई को अलग एक दूसरी एसआईटी बनाने का निर्देश दिया जाए। इस एसआईटी में केवल दिल्ली से बाहर के ईमानदार अधिकारियों को ही रखा जाए। इसके द्वारा की जाने वाली जांच की कोर्ट द्वारा निगरानी की जाए।