फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   JNU seeks justice in the name of great men, songs and poems also sung in March

जेएनयू में महापुरुषों के नाम से मांगा इंसाफ, मार्च में गाए गए गीत और कविताएं

Fri, 10 Jan 2020 05:25 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 10 Jan 2020 05:25 AM IST
विज्ञापन
JNU seeks justice in the name of great men, songs and poems also sung in March
जेएनयू हिंसा के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्र - फोटो : twitter

जेएनयू हिंसा के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्रों ने गुरुवार को सावित्री बाई फूले, फातिमा शेख, शहीद भगत सिंह व रामप्रसाद विस्मिल के नाम से इंसाफ मांगा। मंडी हाउस से शास्त्री भवन तक निकाले गए मार्च में गीत-कविताओं के माध्यम से प्रदर्शनकारी छात्र बेहद ही रोचक ढंग से अपना दर्द भी रखते और मांग भी।

विज्ञापन


सड़कों पर चित्रकारी से हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की मांग भी रखी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जेएनयू हिंसा के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री व कुलपति का हाथ है, क्योंकि दिल्ली विधानसभा चुनाव आने से ठीक पहले बीजेपी को जेेएनयू का टुकड़े-टुकड़े गैंग याद आ गया है।
विज्ञापन


मंडी हाउस से शास्त्री भवन तक निकाले गए विरोध मार्च में सैकड़ों की तादाद में उच्च शिक्षण संस्थानों के अलावा वामपंथी नेता, शिक्षाविद और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में कुलपति हटाओ के पोस्टर सबसे ज्यादा ले रखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा फैज अहमद फैज की मशहूर कविता ‘हम देखेंगे ..., संघर्ष हमारा नारा है और हम एबीवीपी के गुंडों से डरकर अपना हक और अधिकार मांगना नहीं छोड़ सकते, सत्ता के नशे में निहत्थे छात्र-छात्राओं पर कितनी भी जुल्म हो, इससे यह डरेंगे नहीं, बल्कि उनका इरादा मजबूत होगा’ जैसे नारे भी लगे।

गुंडागर्दी की धारा में संघर्ष हमारा नारा, इस बार नहीं हम छोड़ेंगे, इतिहास की धारा हम मोड़ेंगे, इतिहास नहीं छोडे़ंगे, सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है..देखना है जोर कितना बाजुएं कातिल के अलावा आजादी-आजदी के नारे भी सुनने को मिले।

लोगों ने फोटो खींचे और वीडियो बनाए

फिरोजशाह रोड से शास्त्री भवन तक सड़कों के दोनों तरफ प्रदर्शन को देखने के लिए लोग जुटे रहे। छात्र भी आम लोगों तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए उन्हें देखते ही पोस्टर उनकी ओर कर देते, जिस पर कई संदेश लिखे हुए थे। रास्ते में लोगों ने उनके फोटो और वीडियो भी बनाए।

‘तारे जमीं पर’ के प्रोफेसर का किरदार निभाने वाले एमके रैना छात्रों को समर्थन

फिल्म ‘तारे जमीं पर’ में प्रोफेसर का किरदार निभाने वाले एमके रैना भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। कैंपस में हिंसा बेहद ही निंदनीय है, इसलिए वे इन छात्रों के समर्थन में पहुंचे हैं।

महापुरुषों की भी आई याद

जेएनयू में पिछले एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शन में अब लाल झंडे के बीच महापुरुषों के कटआउट व पोस्टर भी शामिल किए जा रहे हैं। प्रदर्शन में छात्रों ने शहीद भगत सिंह, सुखेदव, राजगुरु महात्मा गांधी, रामप्रसाद विस्मिल, अशफाक उल्ला खान, बाबा साहेब अंबेडकर व डॉ. अबुल कलाम आजाद की शिक्षाओं को याद दिलाया।

इस्तीफा नहीं, अब बर्खास्त करे सरकार

जेएनयू हिंसा के पीछे कुलपति हैं, इसलिए अब कुलपति का इस्तीफा नहीं, उसे बर्खास्त भी करना होगा। मोदी सरकार किसी की आवाज नहीं सुनती पर जेएनयू छात्रों के चलते सरकार उनकी बात सुनने के लिए बार-बार उनको बुला रही है। छात्रों की यही ताकत लोकतंत्र की ताकत है।
-सीताराम येचुरी, पूर्व जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष व वामपंथी नेता

जेएनयू छात्रों ने सरकार को झुकाया

जेएनयू छात्रों ने मोदी सरकार को झुकनेे पर मजबूर कर दिया है। हार के बाद लगता था कि अब हमारी बात कौन सुनेगा, लेकिन जेएनयू के चलते आज सरकार इनकी आवाज सुनने को विवश है। जेएनयू के चलते देशभर के युवा सड़कों पर आ चुके हैं।
-प्रो. मनोज झा, डीयू प्रोफेसर, राज्यसभा सांसद

कुलपति व गृहमंत्री ही जेएनयू साजिश के पीछे

जेएनयू हिंसा सोची-समझी साजिश है। इस साजिश के पीछे कुलपति और गृहमंत्री हैं, क्योंकि इन्हीं के इशारे पर पुलिस कैंपस के अंदर नहीं गई। पुलिस को समय से सूचना नहीं दी। हालांकि नकाबपोश एबीवीपी के गुंडों ने जब छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष पर हमला किया तो चार मिनट बाद वसंत विहार थाने में मामला जरूर दर्ज हो जाता है।
-कन्हैया कुमार, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed